एनआईए ने बुधवार को वांछित नार्को-आतंकवादी इकबाल सिंह उर्फ शेरा को पुर्तगाल से प्रत्यर्पित कर गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी निरंतर राजनयिक और कानूनी प्रयासों के बाद संभव हुई।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को वांछित नार्को-आतंकवादी इकबाल सिंह उर्फ शेरा को पुर्तगाल से प्रत्यर्पित कर गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी निरंतर राजनयिक और कानूनी प्रयासों के बाद संभव हुई। हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) के आतंकी वित्तपोषण के एक बड़े मामले में मास्टरमाइंड शेरा को बुधवार को कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए भारत लाया गया। शेरा को पुर्तगाल से दिल्ली पहुंचते ही एनआईए की टीम ने हिरासत में ले लिया। वह 2020 में पुर्तगाल भाग गया था।
नार्को-टेरर मॉड्यूल पर एनआईए का बड़ा वार
शेरा का सफल प्रत्यर्पण और गिरफ्तारी पाकिस्तान समर्थित नार्को और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ एनआईए की लड़ाई में एक बड़ी सफलता है। गिरफ्तार भगोड़े के खिलाफ अक्टूबर 2020 से ही आरसी-23/2020/एनआईए/डीएलआई (एचएम नार्को-टेरर मॉड्यूल) मामले में गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी था। जून 2021 से ही उसकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल नोटिस भी जारी था। मामले की जांच में एनआईए ने शेरा को भारत स्थित नार्को-टेरर मॉड्यूल का प्रमुख साजिशकर्ता और संचालक पाया, जो पाकिस्तान से हेरोइन की तस्करी में शामिल था।
ड्रग सिंडिकेट और टेरर फंडिंग का नेटवर्क
एनआईए ने बताया कि पंजाब के अमृतसर का रहने वाला शेरा, "पाकिस्तान से सीमावर्ती राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी साजिश" का मास्टरमाइंड था। आतंकवाद विरोधी एजेंसी ने कहा, "शेरा ने तस्करी कर लगाई गई दवाओं के वितरण का समन्वय और निगरानी की और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए हवाला नेटवर्क के माध्यम से पाकिस्तान और कश्मीर स्थित एचएम के गुर्गों को धनराशि पहुंचाई।"
हिजबुल मुजाहिदीन से गहरे ताल्लुक
एजेंसी ने बताया कि भारत में नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकी षड्यंत्र को आगे बढ़ाने के लिए शेरा ने एक आतंकी गिरोह बनाया था और पंजाब स्थित अपने सहयोगियों का एक नेटवर्क संचालित किया था, जो बड़ी मात्रा में हेरोइन की तस्करी, बिक्री से प्राप्त धनराशि की वसूली और दलालों और आतंकी गुर्गों को धन हस्तांतरण में शामिल थे। एनआईए ने कहा, "शेरा के पाकिस्तान स्थित हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी गुर्गों के साथ घनिष्ठ संबंध थे।" एनआईए ने आगे बताया कि यह मामला मूल रूप से पंजाब पुलिस द्वारा हिजबुल मुजाहिदीन के एक ओवरग्राउंड कार्यकर्ता हिलाल अहमद शेरगोजरी की गिरफ्तारी के बाद दर्ज किया गया था।
मॉड्यूल खत्म करने में जुटी थी एनआईए
पुलिस ने मृतक आतंकी कमांडर रियाज अहमद नाइकू के करीबी सहयोगी हिलाल के पास से 29 लाख रुपये की नशीले पदार्थों की बिक्री से प्राप्त धनराशि भी बरामद की थी। आगे की जांच में आतंकी गिरोह के पंजाब स्थित विभिन्न सदस्यों से नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकी कृत्यों की 32 लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि बरामद हुई। एनआईए ने मामला अपने हाथ में लेने के बाद इस मॉड्यूल को खत्म करने और शेरा के प्रत्यर्पण को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रयास शुरू किए। (एएनआई)
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