इंडिगो एयर संकट के बाद केन्द्र में सरकार ने विमानन क्षेत्र में एकाधिकार खत्म करने की दिशा में बड़ी पहल करते हुए तीन नई एयरलाइन्स को देश में विमान सेवा शुरू करने की अनुमति दे दी है।
नई दिल्ली। इंडिगो एयर संकट के बाद केन्द्र में सरकार ने विमानन क्षेत्र में एकाधिकार खत्म करने की दिशा में बड़ी पहल करते हुए तीन नई एयरलाइन्स को देश में विमान सेवा शुरू करने की अनुमति दे दी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भारतीय विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और एक-दो बड़ी एयरलाइनों पर निर्भरता कम करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए तीन नई एयरलाइंस - शंख एयर, अलहिंद एयर और फ्लाई एक्सप्रेस को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी कर दिया है।
नई एयरलाइन्स का परिचालन साल 2026 में शुरू होने की उम्मीद
इन एयरलाइन का परिचालन साल 2026 में शुरू होने की उम्मीद है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस संबंध में बताया कि पिछले सप्ताह उन्होंने तीन नई एयरलाइंस की टीमों से मुलाकात की थी जो भारतीय आसमान में टेक-ऑफ करने की तैयारी कर रही हैं। ये एयरलाइन्स जल्दी ही परिचालन शुरू करेंगी। इंडिगो एयरलाइन्स के सेवाओं में हाल में आये संकट के बाद विमानन क्षेत्र के नीति-निर्माता यह मानने लगे हैं कि सबसे तेजी से बढ़ते एविएशन बाजार कुछ एयर लाइंस के एकाधिकार को खत्म कर ज्यादा खिलाड़ियों और ज्यादा विकल्पों की जरूरत है।
विमानन सेक्टर में Duopoly से चिंतित है सरकार
केन्द्र सरकार दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते एविएशन मार्केट में बढ़ते ड्यूपॉली (Duopoly), जिसमें सिर्फ दो कंपनियों का दबदबा होता है, की स्थिति को लेकर चिंतित है। विमानन सेक्टर में इंडिगो और एयर इंडिया ग्रुप (एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस) मिलकर घरेलू बाजार के 90 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर कब्जा रखते हैं। अकेले इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी 65 प्रतिशत से ज्यादा है। यही कारण है कि हाल में इंडिगो का संकट देखने के दौरान देश में हाहाकार मच गया था। इंडिगो की सैकड़ों फ्लाइट्स रद्द हो गई थीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। केन्द्र ने इस वर्चस्व को तोड़ने के लिए सरकार ने नयी एयर लाइंस को उतारकर कॉम्पिटिशन का माहौल बनाने का फैसला किया है।
भारी कर्ज के कारण बंद हो चुकी जेट एयरवेज और गो फर्स्ट जैसी एयरलाइंस
भारत में वर्तमान में सक्रिय शेड्यूल्ड एयरलाइंस में इंडिगो, एयर इंडिया के अलावा एलायंस एयर, अकासा एयर, स्पाइसजेट, स्टार एयर, फ्लाई 91 और इंडिया वन एयर शामिल हैं। जेट एयरवेज और गो फर्स्ट जैसी एयरलाइंस भारी कर्ज के कारण बंद हो चुकी हैं। यह इस सेक्टर की अस्थिरता को भी उजागर करता है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने निम्नांकित तीन एयर लाइंस को एनओसी दे दी है। अब DGCA से Air Operator Certificate मिलने की देर है, उसके बाद ये तीनों एयरलाइन्स 2026 मे ऑपरेशनल हो जाएंगी।
Al Hind Air - ये केरल बेस्ड Al Hind Group द्वारा संचालित है जो पहले से ही ट्रैवल और उससे related सर्विस में काम करती आई है। ये ATR 72 - 600 aircraft के साथ रीजनल सेवा देगा। इसका हब कोच्चि में होगा।
Fly Express - ये हैदराबाद की एक कूरियर और कार्गो कम्पनी द्वारा संचालित होगी जो एक Domestic routes में सेवा देगी।
Shankh Air - ये उत्तर प्रदेश based एयरलाइन्स है। शुरुआत में इसका रीजनल connectivity पर फोकस होगा। ये Noida International Airport से ऑपरेट करेगी और लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या और गोरखपुर जैसे शहरों को कनेक्ट करेगा।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/india/rpf-arrests-3-bangladeshi-from-poorvottar-sampark-kranti-express-in-kanpur/102514
RPF ने कानपुर में पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से 3 बांग्लादेशी नागरिकों को किया गिरफ्तार