पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में टीएमसी की विरोधी गैर बीजेपी पर्टियां एकजुट होने की संभावना बढ़ गई है।
गैर-बीजेपी दलों की एकजुटता की पहल
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में टीएमसी की विरोधी गैर बीजेपी पर्टियां एकजुट होने की संभावना बढ़ गई है। इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) के अध्यक्ष और विधायक नौशाद सिद्दकी ने अपनी पार्टी की स्थापना दिवस के मौके पर कोलकाता के शहीद मिनार मैदान में आयोजित सभा मे यह संकेत दिया है। आईएसएफ के आला नौशाद का कहना है कि वे विधानसभा चुनाव में टीएमसी को सत्ता से बाहर करने और बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए सभी विरोधी पार्टियों को एकजुट होने और आपस में चुनावी तालमेल करने के बारे में कांग्रेस नेताओं से बातचीत करेंगे। माकपा के नेताओं से बाचचीत हो रही है। उन्होंने कहा कि नवगठित जानता उन्नयन पार्टी के आला और टीएमसी के निष्कासित नेता व विधायक हुमायूं कबीर से भी बात हो रही है।
टीएमसी विरोधी दलों में मेलजोल
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद अधीर रंजन चौधरी का भी कहना है कि सत्तारूढ़ टीएमंसी को सत्ता से बाहर करने और बीजीपी को सत्ता मे आने से रोकने के लिए टीएमसी और भाजपा विरोधी पार्टियों को इस बार विधानसभा में एकजुट होने की जरूरत है। इस मुद्दे पर वे अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं से बातचीत करेंगे। माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम और जनता युन्नयन पार्टी के आला हुमायूं कबीर ने अलग-अलद मौके पर यह खुलासा किया कि विधानसभा चुनाव में आपसी तालमेल के मसले पर बातचीत हो रही है। मोहम्मद सलीम ऐसे वक्त में पश्चिम बंगाल में माकपा राज्य सचिव बनाए गए हैं, जब पार्टी की स्थिति शून्य है। माकपा ने पिछले चुनाव में कांग्रेस के साथ चुनावी तालमेल किया था। इस बार भी वग कांग्रेस से साथ चुनाव तालमेल करने के बारे में चर्चा कर रही है। जनता उन्नयन पार्टी के आला हुमायूं कबीर ने पार्टी के गठन के बाद से ही टीएमसी विरोधी पर्टियों को एकजुट होने की पहल कर रहे है। वे यह खुलासा भी कर चुके हैं कि उनकी माकपा और आईएसएफ से बात हो रही है।
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