मुंबई। भारत की जमा योजनाओं में प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) के निवेश में विगत कुछ महीनों में भारी कमी आयी है।
मुंबई। भारत की जमा योजनाओं में प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) के निवेश में विगत कुछ महीनों में भारी कमी आयी है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जनवरी 2026 की अवधि के दौरान एनआरआई का भारत में निवेश 25.86 गिर गया।
निवेश की रफ्तार पड़ी सुस्त
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) द्वारा निवेश करने की रफ्तार विगत कुछ माह में सुस्त पड़ी है। रिजर्व बैंक के मुताबिक अप्रैल-जनवरी 2026 की अवधि के दौरान एनआरआई जमा योजनाओं में आने वाला विदेशी धन बीते साल की समान अवधि की तुलना में 25.86 गिर गया है। वित्त वर्ष 2026 के पहले 10 महीनों (अप्रैल-जनवरी) में कुल एनआरआई डिपॉजिट 10.61 अरब डॉलर रहा, जबकि वर्ष 2025 की इसी अवधि में यह आंकड़ा 14.31 अरब डॉलर था। निवेश में आई इस कमी का सबसे बड़ा असर एफसीएनआर-बी जमा योजनाओं पर पड़ा है।
कुल बकाया राशि का आंकड़ा
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी, 2026 के अंत तक कुल बकाया एनआरआई जमा राशि 165.78 अरब डॉलर थी। इसके विपरीत जनवरी, 2025 में बकाया एनआरआई जमा राशि 161.21 अरब डॉलर और दिसंबर, 2025 में 169.27 अरब डॉलर थी।
इन योजनाओं में होता है निवेश
एनआरआई जमा योजनाओं में विदेशी मुद्रा अनिवासी (एफसीएनआर) जमा, अनिवासी बाह्य (एनआरई) जमा और अनिवासी साधारण (एनआरओ) जमा राशि शामिल हैं। अप्रैल-जनवरी 2026 की अवधि के दौरान एफसीएनआर (बैंक) या एफसीएनआर (बी) जमा प्रवाह पिछले वर्ष की इसी अवधि के 7.02 अरब डॉलर की तुलना में घटकर 0.94 अरब डॉलर रह गया। जनवरी में एफसीएनआर (बी) खातों में बकाया राशि बढ़कर 33.75 अरब डॉलर हो गई।
क्या है FCNR (B) खाता
एफसीएनआर (बी) खाता ग्राहकों को भारत में स्वतंत्र रूप से परिवर्तनीय विदेशी मुद्राओं में एक से पांच वर्ष की अवधि के लिए सावधि जमा रखने की सुविधा देता है। दरअसल, खाता विदेशी मुद्रा में रखा जाता है। इसलिए यह जमा की अवधि के दौरान मुद्रा के उतार-चढ़ाव से निधियों को सुरक्षित रखता है। जनवरी 2025 में बकाया राशि 32.75 अरब डॉलर थी।
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