एक देश, एक चुनाव पर कांग्रेस और JPC के बीच मतभेद सामने आए हैं। मनीष तिवारी ने 2029 के दावे पर सवाल उठाते हुए विधेयक में 2034 की संभावना का जिक्र किया।
नई दिल्ली (भारत)। 'एक देश, एक चुनाव' को लेकर कांग्रेस और संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के बीच मतभेद सामने आए हैं। JPC सदस्य और कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पैनल प्रमुख पीपी चौधरी के 2029 में एक साथ चुनाव होने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि समीक्षाधीन विधेयक में ऐसी संभावना 2034 के लिए बताई गई है। वहीं, कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम भी 'एक देश, एक चुनाव' से जुड़े विधेयकों का JPC के सामने कड़ा विरोध जता चुके हैं।
मनीष तिवारी ने एक देश, एक चुनाव पर क्या कहा?
JPC के सदस्य और कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि समीक्षाधीन विधेयक में ऐसी संभावना 2034 में बताई गई है, न कि 2029 में। उन्होंने ANI से कहा, "यह मानकर चल रहे हैं कि विधेयक को संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत मिल जाएगा और आधे राज्यों द्वारा इसकी पुष्टि हो जाएगी। इसलिए, मुझे नहीं पता कि पीपी चौधरी ये अनुमान कहां से लगा रहे हैं।" इसके अलावा, कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम 24 अगस्त को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के समक्ष पेश हुए और उन्होंने 'एक देश, एक चुनाव' (ONOE) विधेयकों का कड़ा विरोध किया। (Source: ANI)
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