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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विपक्ष का स्वागत

NEET-UG विवाद: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को विपक्ष ने बताया छात्रों और लोकतंत्र की बड़ी जीत

NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विपक्ष और एक्टिविस्टों की प्रतिक्रिया। जानिए किसने इसे युवाओं की जीत बताया और क्या हैं आगे की मांगें।

neet-ug विवाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को विपक्ष ने बताया छात्रों और लोकतंत्र की बड़ी जीत

Opposition Hails Dharmendra Pradhan's Resignation Over NEET Row |

नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्ष के तमाम बड़े नेताओं और एक्टिविस्टों ने इसे छात्रों, युवाओं और लोकतंत्र की बड़ी जीत करार दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग की है। वहीं, एनसीपी (SP) प्रमुख शरद पवार, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे युवाओं की एकजुटता और सरकारी अहंकार पर करारी चोट बताया है। इसके साथ ही, कई नेताओं ने चेतावनी दी है कि सिर्फ एक इस्तीफे से शिक्षा व्यवस्था की सभी समस्याएं खत्म नहीं होंगी, इसलिए सरकार को शिक्षा क्षेत्र में बड़े और पारदर्शी सुधार करने होंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े का स्वागत करते हुए इसे छात्रों, सच्चाई और एकजुट विपक्ष की जीत बताया। खड़गे ने कहा कि देश भर में विरोध कर रहे लाखों छात्रों की आवाज आखिरकार सुनी गई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह भी आग्रह किया कि वे छात्रों से माफी मांगें और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विनम्र बने रहें। उन्होंने कहा कि "जीत में विनम्रता सबसे जरूरी चीज है" और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीकों से जवाबदेही तय करने के लिए युवाओं को बधाई दी। वांगचुक ने कहा कि अब इस आंदोलन को शिक्षा और गवर्नेंस में लंबे समय के सुधारों पर ध्यान देना चाहिए। मेदांता अस्पताल में पत्रकारों से बात करते हुए, उन्होंने केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया और देश भर के नागरिकों का शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने इस शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन का समर्थन किया।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। साथ ही छात्रों को उनके विरोध-प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने किसानों, मजदूरों और समाज के अन्य वर्गों से भी संवैधानिक तरीकों से अपने अधिकारों के लिए खड़े होने का आह्वान किया और कहा कि अब सरकार को हटाने का समय आ गया है। 'X' पर पोस्ट करते हुए गांधी ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने प्रधान के इस्तीफे को देश की शिक्षा व्यवस्था को फिर से बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम करार दिया।

सपा प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को "युवाओं की जीत" बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों के लगातार आंदोलन के आगे सरकार को झुकना पड़ा। साथ ही, उन्होंने देश की परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने और रोजगार के ज़्यादा अवसर पैदा करने के लिए बड़े सुधारों की मांग की। प्रधान के इस्तीफे पर पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा कि छात्रों के नेतृत्व में हुए आंदोलन ने यह दिखा दिया है कि युवा पीढ़ी में सरकार को अपनी मांगों पर प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर करने की कितनी ताकत है।

NCP (SP) प्रमुख शरद पवार

NCP (SP) प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को युवाओं की एकता और ताकत का प्रतीक बताया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, पवार ने युवा प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "युवाओं ने सरकार को इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेने के लिए मजबूर किया। यह लोकतंत्र की जीत है। यह देश के युवाओं की एकता और ताकत का एक मज़बूत प्रतीक है। मैं विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सभी सांसदों का भी दिल से शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने देश के युवाओं को सार्वजनिक रूप से और संसद में नैतिक समर्थन दिया।"

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कैबिनेट से हटने को शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं का पूरी तरह समाधान नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने युवा समूहों से केंद्र सरकार पर दबाव बनाए रखने की अपील की। ​​उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "सिर्फ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से शिक्षा क्षेत्र की सभी समस्याएं हल नहीं होंगी। जब तक तानाशाही और कुशासन की पाठशाला के उस्ताद सत्ता में मजबूती से जमे रहेंगे, तब तक ऐसे शिष्यों के हटने से इस व्यवस्था में सुधार नहीं हो सकता।"

AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को सरकारी अहंकार पर एक निर्णायक जीत बताया। उन्होंने इसे देश के युवाओं और लोकतांत्रिक जवाबदेही के लिए एक अहम मोड़ कहा। मंत्री का इस्तीफा NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर हफ़्तों तक चले व्यापक विरोध-प्रदर्शन और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के नेतृत्व में 26 दिन की भूख हड़ताल के बाद आया है। अरविंद केजरीवाल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में उन युवाओं और Gen Z एक्टिविस्ट को बधाई दी जिन्होंने इस आंदोलन का नेतृत्व किया।

AAP नेता मनीष सिसोदिया

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों ने धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया, और जोर देकर कहा कि देश को बड़े पैमाने पर शिक्षा क्रांति की ज़रूरत है। ANI से बात करते हुए सिसोदिया ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सिर्फ अपना इस्तीफा नहीं भेजा, बल्कि छात्रों ने उनसे इस्तीफा लिया।

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे 

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को छात्र आंदोलन की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि "एक कॉकरोच ने तानाशाह को झुका दिया है।" महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने भी सरकार को "जमीन पर लौटने" के लिए मजबूर करने पर युवाओं को बधाई दी और चल रहे आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का स्वागत करते हुए कहा कि "लोकतंत्र में जवाबदेही से हमेशा के लिए बचा नहीं जा सकता।" NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। शशि थरूर ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने यह भी कहा कि "इस्तीफे से जवाबदेही खत्म नहीं होती" और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शी सुधारों तथा संस्थागत जवाबदेही की मांग की।

अभिजीत दिपके के पिता भगवानराव दिपके

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के पिता भगवानराव दिपके ने शनिवार को कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा देश भर में विरोध कर रहे छात्रों और उनके परिवारों के बीच बढ़ते गुस्से को शांत करने के लिए एक जरूरी कदम था। ANI से बात करते हुए, भगवानराव दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से प्रधान के इस्तीफे को बहुत अच्छा कदम बताया। उन्होंने कहा कि अगर इस्तीफा नहीं दिया गया होता, तो विरोध प्रदर्शनों की दिशा का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता।
(इनपुट: ANI)

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