असदुद्दीन ओवैसी ने सऊदी अरब में फंसे करीब 4,000 भारतीय उमराह यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
Owaisi Seeks Urgent Repatriation of 4,000 Indian Umrah Pilgrims Stranded in Saudi Arabia |
नई दिल्ली (भारत)। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सऊदी अरब में फंसे करीब 4,000 भारतीय उमराह यात्रियों को तत्काल वापस लाने के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है। ओवैसी के अनुसार, ये यात्री पिछले दो से तीन हफ्तों से मदीना, जेद्दा और मक्का में फंसे हुए हैं और उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यात्रियों को सऊदी अरब भेजने वाले ट्रैवल एजेंटों ने उनकी मदद नहीं की है। ओवैसी ने सरकार से यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की।
DGCA से बड़े विमान भेजने की अनुमति देने की अपील
ओवैसी ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया को जेद्दा के लिए बड़े विमान भेजने की तत्काल अनुमति देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ये यात्री इन्हीं तीन एयरलाइंस के जरिए सऊदी अरब गए थे। ओवैसी के मुताबिक, बड़े विमानों, जैसे A321, के संचालन की अनुमति मिलने से फंसे हुए यात्रियों को भारत वापस लाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस मामले में जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया।
ट्रैवल एजेंटों पर यात्रियों को अकेला छोड़ने का आरोप
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सऊदी अरब में फंसे यात्रियों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन ट्रैवल एजेंटों ने उनकी यात्रा की व्यवस्था की थी, उन्होंने बाद में उनकी सहायता नहीं की। ओवैसी ने कहा, "पिछले दो-तीन हफ्तों से लगभग 4,000 भारतीय उमराह यात्री मदीना, जेद्दा और मक्का में फंसे हुए हैं। वे बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। उनके ट्रैवल एजेंटों ने उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया है।"
कुछ यात्रियों को ठहराया गया, लेकिन स्थिति अब भी गंभीर
ओवैसी ने बताया कि कुछ उमराह यात्रियों को जेद्दा जैसी जगहों पर ठहराने की व्यवस्था की गई है, लेकिन कुल मिलाकर स्थिति अब भी कष्टदायक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब में बदलती परिस्थितियों को देखते हुए भारत सरकार को इस मामले पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक, यात्रियों को राहत पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए संबंधित विभागों के बीच जल्द कार्रवाई जरूरी है।
किरेन रिजिजू, एस. जयशंकर और राम मोहन नायडू से हस्तक्षेप की मांग
AIMIM प्रमुख ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। ओवैसी ने कहा कि सरकार को यात्रियों की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए उनकी तत्काल सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित मंत्री इस मामले को गंभीरता से लेंगे और फंसे हुए भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी कदम उठाएंगे।
एयरलाइंस को अनुमति नहीं मिली तो विशेष विमान भेजने की मांग
ओवैसी ने कहा कि यदि DGCA तीनों एयरलाइंस को यात्रियों की वापसी के लिए बड़े विमान संचालित करने की अनुमति नहीं देता है, तो भारत सरकार को विशेष उड़ानों की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि फंसे हुए यात्रियों में आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के लोग भी शामिल हैं, जिनके लिए सऊदी एयरलाइंस के नए टिकट खरीदना मुश्किल है। ओवैसी ने कहा, "अगर DGCA अनुमति नहीं देता है, तो हमारी मांग है कि भारत सरकार इन उमराह तीर्थयात्रियों को घर वापस लाने के लिए विशेष विमान भेजे।"
यात्रियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की अपील
ओवैसी ने दोहराया कि सऊदी अरब में फंसे भारतीय उमराह यात्रियों को जल्द सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने संबंधित मंत्रियों से उनकी आर्थिक परेशानियों और मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि विदेश मंत्री, नागरिक उड्डयन मंत्री और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री इस पर ध्यान देंगे, इन लोगों को तुरंत मदद पहुंचाएंगे और इन्हें सुरक्षित भारत वापस लाएंगे।" (Source: ANI)
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