राम मंदिर स्किट विवाद के बाद पप्पू यादव के आवास पर हंगामा और झड़प। सांसद ने हत्या की साजिश का दावा किया, जबकि बीजेपी ने धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। जानिए पूरी खबर।
नई दिल्ली। संसद परिसर में हुए राम मंदिर व्यंग्य नाटक (skit) का विवाद अब राजधानी दिल्ली की सड़कों पर उतर आया है। शुक्रवार को संसद भवन के भीतर भगवा वस्त्र पहनकर मंदिर के पुजारी की भूमिका निभाने वाले पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के आवास पर रविवार को जबरदस्त हंगामा हुआ, जहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भिड़ंत और हाथापाई की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद से सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
मुख्य घटनाक्रम और विवाद की पृष्ठभूमि: एक नजर
संसद के भीतर नाटक (31 जुलाई): विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में राम मंदिर निर्माण और चंदे में कथित अनियमितताओं के मुद्दों को उठाने के लिए एक प्रतीकात्मक नाटक का मंचन किया था।
- पप्पू यादव की भूमिका: इस प्रदर्शन के दौरान सांसद पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र धारण कर मंदिर के पुजारी का किरदार निभाया था, जबकि अन्य सांसदों ने दानपेटी और भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े दृश्यों का अभिनय किया था।
- आवास पर हंगामा और झड़प: रविवार को जब पप्पू यादव अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, तभी कुछ लोगों ने कथित तौर पर उनके आवास पर पहुंचकर विरोध जताने की कोशिश की, जिससे उनके समर्थकों और उन लोगों के बीच तीखी झड़प हो गई।
- कानूनी शिकंजा और शिकायतें: इस प्रदर्शन के बाद बीजेपी नेताओं (सांसद बांसुरी स्वराज समेत कई विधायकों) ने नई दिल्ली में धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा वाराणसी में एक धार्मिक नेता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है, और जहांगीरपुरी थाने में भी याचिकाकर्ता सूर्य मैथिल द्वारा शिकायत दी गई है। बजरंग दल ने भी विपक्षी सांसदों के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया है।
"मेरी हत्या की थी गहरी साजिश" - पप्पू यादव का बड़ा दावा
घटना के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए सांसद पप्पू यादव ने इसे सीधे तौर पर उनकी जान लेने का प्रयास करार दिया। उन्होंने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ बाकायदा इनाम घोषित किया गया है और उन पर हमला करने की साजिश रची गई थी। पप्पू यादव ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "बाबा लोग रोज कह रहे हैं कि 'मारो, जलाओ, हम 51 लाख रुपये देंगे'। हमने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। मुझे खत्म करने का एक बड़ा षड्यंत्र रचा गया था, लेकिन मैं बच गया।" सांसद ने यह भी दावा किया कि इस घटना को अंजाम देने के लिए आए व्यक्ति के पास चाकू भी था।

बीजेपी और धार्मिक संगठनों का तीखा विरोध
विपक्ष के इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) आक्रामक रुख अपनाए हुए है। बीजेपी ने इसे सनातन आस्था और राम मंदिर का अपमान करार दिया है। दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक विभिन्न थानों में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। दूसरी ओर, बजरंग दल ने संसद परिसर में इस तरह के व्यंग्य प्रदर्शन को लेकर विपक्षी सांसदों के विरुद्ध जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है।
अपने रुख पर कायम हैं पप्पू यादव
विभिन्न कानूनी लड़ाइयों, दर्ज एफआईआर और तीखे विरोध के बावजूद सांसद पप्पू यादव अपने फैसले और उठाए गए कदमों का लगातार बचाव कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या मंदिर से जुड़ी हिंदू समुदाय की भावनाओं की रक्षा और उससे जुड़े मुद्दों को उठाना कोई अपराध है?
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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