पीएम मोदी के वीडियो हटने और आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद के बीच संसदीय समिति डिजिटल प्लेटफॉर्मों के नियमन पर चर्चा करेगी।
नई दिल्ली: संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति 3 अगस्त को सोशल और डिजिटल प्लेटफॉर्म और उनका विनियमन विषय पर चर्चा करने के लिए बैठक करेगी। इस बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), गृह मंत्रालय, गूगल, मेटा, एक्स और स्नैपचैट के वरिष्ठ प्रतिनिधि समिति को जानकारी देंगे।
वीडियो हटने के बाद मेटा के प्रवक्ता ने कहा...
यह घटनाक्रम मंगलवार को मेटा से जुड़ी एक घटना के बाद सामने आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कार्रवाई से संबंधित फेसबुक वीडियो कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया था, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया। एक बयान में मेटा के प्रवक्ता ने कहा, "कंटेंट गलती से हटाया गया था और बाद में बहाल कर दिया गया है। इसका कारण तकनीकी खराबी बताया गया। 23 जुलाई को जारी किया गया यह वीडियो, NEET-UG 2026 परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में 36 दिनों तक चले आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का Gen Z को पहला सीधा संबोधन था।
अपराधों के लिए 10 साल तक की कैद
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने छात्रों को आश्वासन दिया कि सरकार विशेष त्वरित न्यायालयों की स्थापना और नए कानून के माध्यम से कड़ी सजा का प्रावधान करके पेपर लीक के खिलाफ कानूनी ढांचे को मजबूत करेगी। इसके बाद केंद्र ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया, जिसमें अधिनियम के तहत अपराधों के लिए 10 साल तक की कैद, बढ़े हुए आर्थिक दंड और विशेष त्वरित न्यायालयों का प्रस्ताव है।
मजबूत कानून लाने पर जताई सहमति
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद 25 जुलाई को छात्र आंदोलन समाप्त कर दिया गया। केंद्र ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले वापस लेने, पुलिस की धमकियों को रोकने और पेपर लीक के खिलाफ मजबूत कानून लाने पर भी सहमति जताई।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को दिए गए थे ये निर्देश
संसदीय समिति की बैठक दिल्ली पुलिस द्वारा कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों वाले पोस्ट और वीडियो हटाने के निर्देश देने के एक दिन बाद हुई, जो कथित तौर पर जंतर-मंतर पर छात्र विरोध प्रदर्शन और 20 जुलाई के 'संसद चलो' मार्च से जुड़ी हिंसा के दौरान अपलोड किए गए थे।
पीएम मोदी के कई पोस्ट और वीडियो हटाए गए
दिल्ली पुलिस के अनुसार, उसकी सोशल मीडिया निगरानी टीमें लगातार ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों की जांच कर रही हैं और आपत्तिजनक सामग्री हटाने के लिए मध्यस्थों को नोटिस जारी कर रही हैं। पुलिस ने बताया कि ऐसे कई पोस्ट और वीडियो पहले ही हटा दिए गए हैं, जबकि विरोध प्रदर्शनों से संबंधित ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी जारी है।
(एएनआई)
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