यरूशलम। इजरायल की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने संसद 'नेसेट' में मोदी-मोदी के नारों के बीच अपने ऐतिहासिक...
यरूशलम। इजरायल की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने संसद 'नेसेट' में मोदी-मोदी के नारों के बीच अपने ऐतिहासिक संबोधन में भारत और इजरायल की दोस्ती को याद किया। उनका कहना था कि हम हर मुश्किल वक्त में एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। भारत ने हमेशा इजरायल का समर्थन किया है।
उन्होंने गाजा शांति पहल को पूरे क्षेत्र के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी शांति का मार्ग बताया। पीएम मोदी ने बताया 17 सितंबर, 1950 को जिस दिन मेरा जन्म हुआ, उसी दिन भारत ने इजरायल को मान्यता दी थी। पीएम ने इजरायल को फादर लैंड और इंडिया को मदरलैंड बताया और कहा कि हमें इस पर गर्व है।
इससे पहले, इजरायली संसद में नेतन्याहू ने अपने संबोधन में पीएम मोदी को दोस्त से बढ़कर एक भाई की तरह बताया। उन्होंने पीएम मोदी को एशिया का शेर बताते हुए उनके गले लगाने के तौर-तरीके की तारीफ करते हुए कहा कि इसने भारत-इजरायल संबंधों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है। पीएम मोदी जब इजरायल की संसद पहुंचे तो मोदी-मोदी के नारों के साथ उनका स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री के संबोधन के आखिर में भी इजरायली संसद 'नेसेट' मोदी-मोदी के नारों से गूंज उठी। इजरायली सांसदों में पीएम मोदी से हाथ मिलाने की होड़ नजर आई।
इजरायली संसद में पीएम मोदी को कई बार 'स्टैंडिंग ओवेशन' दिया गया। इस दौरान जय हिंद और वंदे मातरम की गूंज भी सुनाई दी। पीएम मोदी को 'नेसेट' का सर्वोच्च सम्मान भी प्रदान किया गया। इससे पहले पीएम मोदी के तेल अवीव पहुंचने पर नेतन्याहू अपनी पत्नी के साथ अगवानी के लिए पहुंचे और नेतन्याहू ने गले लगाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
बता दें कि पीएम मोदी का यह नौ साल बाद दूसरा इजरायल दौरा है। पीएम मोदी का यह दौरा ऐसे वक्त हो रहा है, जब ईरान-अमेरिका के टकराव को लेकर खाड़ी देशों में तनाव चरम पर है।
यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/world/nuclear-arms-control-agreement-between-america-and-russia-ends/132101