प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल विजय दिवस पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके साहस और बलिदान को याद किया। 'मन की बात' में उन्होंने भारत की बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और आत्मनिर्भर रक्षा
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस सभी को चरम चुनौतियों का सामना करते हुए सशस्त्र बलों द्वारा प्रदर्शित असाधारण साहस की याद दिलाता है।
पीएम ने "मन की बात" कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा...
अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है और एक विश्वसनीय वैश्विक रक्षा भागीदार के रूप में उभर रहा है। आज कारगिल विजय दिवस है। यह दिन हमें गर्व से भर देता है और हमारे बहादुर सैनिकों के असाधारण साहस की याद दिलाता है। उन्होंने कहा, कारगिल की विशाल चोटियां, अलग-अलग मौसम, शत्रु की चुनौती—हर परिस्थिति हमारे सैनिकों के सामने खड़ी थी, लेकिन उनका संकल्प हर चुनौती से कहीं अधिक प्रबल था। उन्होंने भारत माता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आज, 'कारगिल विजय दिवस' पर, मैं सभी वीर शहीदों और साहसी सैनिकों को नमन करता हूं।
पीएम ने 'शौर्य विजय यात्रा' पर प्रकाश डालते हुए कहा..
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 'शौर्य विजय यात्रा' पर भी प्रकाश डाला। पीएम ने कहा, इस साल एक विशेष 'शौर्य विजय यात्रा' का आयोजन किया गया है। यह मोटरसाइकिल यात्रा, जो 14 जुलाई को दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से शुरू हुई, द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर समाप्त होगी। उन्होंने आगे कहा, इसका संदेश है- 'एक सवारी, एक राष्ट्र, एक सलाम।' यह यात्रा हमें याद दिलाती है कि राष्ट्र के लिए किए गए बलिदानों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
पीएम ने भारत की बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमताओं पर डाला प्रकाश
गौरतलब है कि कारगिल विजय दिवस हर साल 26 जुलाई को 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारत की विजय स्मृति में और ऑपरेशन विजय के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मनाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमताओं पर भी प्रकाश डाला, जिसमें आईएनएस महेंद्रगिरि की तैनाती और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा हाल ही में किए गए रक्षा प्रौद्योगिकी परीक्षणों का हवाला दिया गया।
आधुनिक युद्धपोत को भारत में ही किया गया डिजाइन
उन्होंने कहा, कुछ दिन पहले ही आईएनएस महेंद्रगिरि को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है। इस आधुनिक युद्धपोत को भारत में ही डिजाइन और निर्मित किया गया है। इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। यह आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट और कुशा मिसाइल के सफल परीक्षण का भी जिक्र किया।
इस सफलता के पीछे हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियर्स की सामूहिक मेहनत: पीएम मोदी
उन्होंने कहा, इस महीने डीआरडीओ ने पिनाका लंबी दूरी की निर्देशित रॉकेट का भी सफलतापूर्वक परीक्षण किया। इस सफलता के पीछे हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियर्स की सामूहिक मेहनत है। महज दो-तीन दिन पहले डीआरडीओ ने कुशा मिसाइल का भी सफलतापूर्वक परीक्षण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, आज चाहे रक्षा उत्पादन हो, रक्षा निर्यात हो या मित्र देशों के साथ राजनीतिक सहयोग हो, भारत लगातार नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।
इंडोनेशिया में ब्रह्मोस और एस्ट्रा मिसाइलों के लिए हुआ एक महत्वपूर्ण समझौता
उन्होंने आगे कहा, इस महीने की शुरुआत में मैं इंडोनेशिया में था, जहां ब्रह्मोस और एस्ट्रा मिसाइलों के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ। भारत के रक्षा उपकरणों और प्रौद्योगिकी पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है। प्रोजेक्ट 17ए नीलगिरी श्रेणी का छठा स्टील्थ फ्रिगेट, आईएनएस महेंद्रगिरी, 11 जुलाई को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किया गया और मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा निर्मित, इस युद्धपोत में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है। यह फ्रिगेट अत्याधुनिक हथियारों, सेंसरों और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों से सुसज्जित है और समुद्री सुरक्षा, खोज एवं बचाव, मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के अलावा वायु-रोधी, सतह-रोधी और पनडुब्बी-रोधी अभियानों को अंजाम देने में सक्षम है।
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