प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कांग्रेस पार्टी पर सिर्फ एक फ्लॉप प्रोडक्ट को लॉन्च करने के लिए देश की अंतरराष्ट्रीय साख को दांव पर लगाने का गंभीर आरोप लगाया है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कांग्रेस पार्टी पर सिर्फ एक "फ्लॉप प्रोडक्ट" को लॉन्च करने के लिए देश की अंतरराष्ट्रीय साख को "दांव पर" लगाने का गंभीर आरोप लगाया है। एनडीटीवी वर्ल्ड समिट (NDTV World Summit) में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, "एक तरफ जहां पूरी दुनिया एक नई व्यवस्था की तलाश कर रही है, वहीं कुछ लोग भारत में अराजकता के सपने देख रहे हैं। आज जब पूरी दुनिया में इतनी उथल-पुथल मची है, तो दुनिया के सामने भारत की एक मजबूत छवि पेश की जानी चाहिए; इसके बावजूद, ये लोग सक्रिय रूप से भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को धूमिल करने में लगे हैं। वे देश को बदनाम करने और विदेशी हस्तक्षेप की गुहार लगाने के लिए विदेश यात्राएं करते हैं। कोई यह सोचकर हैरान रह जाता है कि कांग्रेस सिर्फ अपने 'फ्लॉप प्रोडक्ट' को लॉन्च करने के लिए देश को कब तक दांव पर लगाती रहेगी।"
दिमागी नक्सलियों’ ने कांग्रेस पर किया कब्जा: PM मोदी
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर अपने "शोर-शराबे" से विपक्ष की असली और जायज आवाजों को दबाने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी के दिमाग पर "दिमागी नक्सलियों" (Dimagi Naxals) ने कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा, "जो लोग लोकतांत्रिक और वैध तरीके से सरकार के सामने अपने विचार रखना चाहते हैं, उनकी आवाज कांग्रेस के हंगामे और शोर में दब जाती है।" पार्टी की आलोचना जारी रखते हुए पीएम मोदी ने कहा, "'दिमागी नक्सलियों' ने कांग्रेस पार्टी के दिमाग पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है, जिससे पार्टी की अपनी सोचने-समझने की क्षमता खत्म हो चुकी है। जो लोग कभी जंगलों में तबाही मचाते थे, वे अब कांग्रेस में घुसपैठ कर चुके हैं और देश को बर्बादी की तरफ धकेलने में जुटे हैं।"
SIR विवाद और कांग्रेस के प्रदर्शनों के बीच आया बयान
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मतदाता सूची (Electoral Rolls) के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर हुए विवाद के बीच कांग्रेस द्वारा विशेषकर दिल्ली में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन किए जाने के बाद यह बयान सामने आया है। अपने हमले को और तेज करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी राष्ट्रीय उपलब्धियों से ज्यादा अपने "पारिवारिक" हितों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस अपनी बर्बादी के लिए खुद स्वतंत्र है, लेकिन सिर्फ अपने परिवार को बार-बार असफलता के कलंक से बचाने के लिए, कांग्रेस ने अब भारत की उपलब्धियों, ताकतों और प्रगति को ही कटघरे में खड़ा करना शुरू कर दिया है।"
वरिष्ठ नेताओं की निराशा का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं के बीच बढ़ती निराशा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "यह परिवार कांग्रेस पार्टी पर एक बोझ बन चुका है। पार्टी के भीतर के वरिष्ठ और बुजुर्ग नेता भी यह बात अच्छी तरह समझते हैं—जब वे निजी तौर पर हमसे मिलते हैं तो ऐसा कहते भी हैं—फिर भी वे अपना अपमान घूंट पीकर चुपचाप बैठे रहते हैं। कांग्रेस के इस रवैये से सबसे बड़ा नुकसान सरकार के उन ईमानदार और सच्चे आलोचकों का हुआ है, जो लोकतंत्र के लिए एक बड़ा झटका है।" उन्होंने आगे कहा कि इसके परिणामस्वरूप रचनात्मक राजनीतिक संवाद कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा, "यहां तक कि प्रशासनिक कमियों को उजागर करने या संस्थागत सुधारों की मांग करने वाले वे रचनात्मक विरोध प्रदर्शन भी—जो कि लोकतंत्र में बेहद जरूरी हैं—कांग्रेस द्वारा पटरी से उतार दिए जाते हैं और नष्ट कर दिए जाते हैं।"
संसद में विपक्ष की दूसरी आवाजों को दबाने का आरोप
संसदीय कामकाज की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि कैसे कांग्रेस संसद की बहसों को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा, "हमने संसद में यह देखा है: विपक्ष के कई युवा सांसद हैं जो अपनी आवाज उठाना चाहते हैं और सरकार की आलोचना करना चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस संसद को बाधित करती है ताकि अन्य आवाजों को मंच न मिल सके—क्योंकि उन्हें सिर्फ एक खास व्यक्ति को ही सुर्खियों में बनाए रखना होता है। ऐसा करके, कांग्रेस विपक्ष के अन्य नेताओं के साथ बहुत बड़ा अन्याय करती है।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक "परजीवी" (Parasitic) बन चुकी है, जो किसी और को आगे नहीं बढ़ने देती।
(ANI)
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