प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम

लेह हिंसा मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन..

Ladakh : लेह हिंसा मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, सोनम वांगचुक को किया गिरफ्तार

Sonam Wangchuk : पुलिस ने शुक्रवार को सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया है. लेह में बुधवार को हिंसा के मामले में यह गिरफ्तारी की गई है.

ladakh  लेह हिंसा मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन सोनम वांगचुक को किया गिरफ्तार

Ladakh : लेह हिंसा मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, सोनम वांगचुक को किया गिरफ्तार |

Sonam Wangchuk : पुलिस ने शुक्रवार को सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया है. लेह में बुधवार को हिंसा के मामले में यह गिरफ्तारी की गई है. वांगचुक पर NSA लगाया गया है. इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी. कई लोग घायल हो गए थे. वांगचुक के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी छठी अनुसूची में शामिल करने और राज्य का दर्जा दिलाने की मांग कर रहे थे. 

अचानक से प्रदर्शन हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया. भाजपा मुख्यालय पर आगजनी की गई. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. वांगचुक ने भूख हड़ताल को खत्म कर दिया था. सरकार ने गुरुवार को वांगचुक की एनजीओ का विदेशी फंडिंग वाला लाइसेंस रद्द कर दिया था. 

'बलि का बकरा बनाया जा रहा'

अधिकारियों ने बताया कि डीजीपी एसडी सिंह जामवाल के नेतृत्व में वांगचुक को दोपहर 2:30 बजे गिरफ्तार कर लिया. गृह मंत्रालय ने बयान में कहा था कि हिंसक घटनाओं के बीच उन्होंने अपना उपवास तोड़ा और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोई व्यापक प्रयास किए. बिना एम्बुलेंस से अपने गांव चले गए. कई नेताओं ने वांगचुक से हड़ताल खत्म करने की अपील की थी, लेकिन उन्होंने हड़ताल जारी रखी. उन्होंने अरब स्प्रिंग शैली और नेपाल में जेन-जी विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करके लोगों को भड़काया.

 

हिंसा के बाद वांगचुक ने कहा था कि युवाओं की मौत से भूख हड़ताल का मकसद पूरा नहीं होता, इसलिए हम अपना अनशन तुरंत खत्म कर रहे हैं. मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि वह हमारे शांति के संदेश को सुने, जब शांति के संदेश की अनदेखी की जाती है, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है.

वांगचुक ने कहा था कि बलि का बकरा बनाया जा रहा है. इससे हालात सुधरेंगे नहीं, बल्कि और बिगड़ेंगे. हमें विदेशी फंडिंग नहीं चाहिए. हम अपनी नॉलेज बेचकर कमाते हैं, लेकिन सरकार विदेशी चंदा मानती है. छात्रों की पढ़ाई का खर्चा संस्था उठाती है. इससे पहले लद्दाख में 1989 को हिंसा हुई थी. केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए थे. 

यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/india/central-government-takes-major-action/48197

Related to this topic: