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राजनीतिक दल सशक्त लोकतंत्र के महत्वपूर्ण ...

राजनीतिक दल सशक्त लोकतंत्र के महत्वपूर्ण हिस्सेदार हैं : मुख्य निर्वाचन आयुक्त

Election Commission : मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु एवं डॉ. विवेक जोशी ने आज पटना में आगामी बिहार विधानसभा आम चुनाव की तैयारियों की विस्तृत

राजनीतिक दल सशक्त लोकतंत्र के महत्वपूर्ण हिस्सेदार हैं  मुख्य निर्वाचन आयुक्त

राजनीतिक दल सशक्त लोकतंत्र के महत्वपूर्ण हिस्सेदार हैं : मुख्य निर्वाचन आयुक्त |

Election Commission : मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु एवं डॉ. विवेक जोशी ने आज पटना में आगामी बिहार विधानसभा आम चुनाव की तैयारियों की विस्तृत और व्यापक समीक्षा की। आयोग की दो दिवसीय समीक्षा यात्रा के पहले दिन, आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, नेशनल पीपुल्स पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (लिबरेशन), जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), राष्ट्रीय जनता दल और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रतिनिधियों से संवाद किया और उनके सुझाव प्राप्त किए।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त 

ज्ञानेश कुमार ने राजनीतिक दलों को सशक्त लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सेदार बताया और उनसे आह्वान किया कि वे चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में सक्रिय भागीदारी करें तथा अपने मतदान और मतगणना अभिकर्ताओं की नियुक्ति सुनिश्चित करें। आयोग ने राजनीतिक दलों को प्रोत्साहित किया कि वे मतदाताओं के साथ मिलकर चुनाव को उत्सव की भावना में हृदय से मनाएं।

राजनीतिक दलों ने आयोग को ऐतिहासिक विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को सफलतापूर्वक पूर्ण करने और निर्वाचक नामावली को शुद्ध करने के लिए धन्यवाद दिया तथा चुनावी प्रक्रिया के प्रति अपना विश्वास और निष्ठा दोहराई।

मतदाताओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक दलों ने सुझाव दिया कि चुनाव छठ पर्व के तुरंत बाद कराए जाएं और इसे यथासंभव कम चरणों में सम्पन्न किया जाए। राजनीतिक दलों ने आयोग की हालिया पहलों की विशेष सराहना की, जैसे प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम मतदाताओं की संख्या 1,200 तक सीमित करना, पोस्टल बैलेट मतों की गिनती को ईवीएम की अंतिम से पहले वाले राउंड की गिनती से पहले पूर्ण करना और मतदान केंद्र छोड़ने से पहले पीठासीन पदाधिकारी द्वारा राजनीतिक दलों के अभिकर्ताओं को फॉर्म-17C उपलब्ध कराना।

सभी राजनीतिक दलों ने आयोग पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया और स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के उसके दायित्व पर भरोसा जताया। राजनीतिक दलों के साथ संवाद के बाद, आयोग ने आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, उप-महानिरीक्षकों, जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, वरीय पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों के साथ चुनाव की योजना, ईवीएम प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, मतदान केंद्रों का पुनर्गठन एवं ढांचा, मतदानकर्मियों का प्रशिक्षण, जब्ती कार्यवाही, कानून-व्यवस्था, मतदाता जागरूकता और पहुँच गतिविधियों पर विस्तृत समीक्षा की।

दलों के सुझावों के आधार पर आयोग ने अधिकारियों को विस्तृत निर्देश दिए। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और राज्य प्रशासन को पूरी निष्पक्षता से कार्य करने तथा राजनीतिक दलों की शिकायतों और आपत्तियों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया कि वे सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों की निगरानी करें और आवश्यक होने पर त्वरित कानूनी कार्रवाई करें।

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