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खड़गे के बयान पर बवाल

खड़गे के ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ बयान पर सियासी घमासान, बीजेपी ने की माफी की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की 'मोदी का बाप भी जाएगा' वाली टिप्पणी पर एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जिसके बाद बीजेपी ने माफी की मांग की है।

खड़गे के ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ बयान पर सियासी घमासान बीजेपी ने की माफी की मांग

Congress President Mallikarjun Kharge | file photo

पटना (बिहार)। श्री कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती समारोह के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण में उस समय हंगामा मच गया, जब कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि 'प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे।' इस टिप्पणी का जवाब देते हुए खड़गे ने कहा, "मोदी का बाप भी जाएगा।" बीजेपी नेताओं ने इस टिप्पणी की निंदा की और खड़गे पर "राजनीतिक मर्यादाओं को तार-तार करने" का आरोप लगाया। सत्ता पक्ष ने खड़गे को कांग्रेस के शीर्ष पद से हटाने की भी मांग की है।

प्रधानमंत्री मोदी के पिता को लेकर अमर्यादित टिप्पणी

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज पटना में प्रधानमंत्री मोदी के पिता को लेकर एक अमर्यादित टिप्पणी कर मर्यादा की सभी सीमाओं को तार-तार कर दिया है। यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस पार्टी ने मोदी जी या उनके परिवार के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है।" उन्होंने आगे दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में बार-बार मिली चुनावी हार ने कांग्रेस पार्टी के भीतर निराशा और कुंठा पैदा कर दी है, जिससे पार्टी के पास कोई नीति या मुद्दा नहीं बचा है और उसे केवल गाली-गलौज की राजनीति का सहारा लेना पड़ रहा है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी खड़गे की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा कांग्रेस पार्टी के वैचारिक दिवालियापन को दर्शाती है।

अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल पर गहरी नाराजगी

दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी लगातार हो रही चुनावी हार के कारण कांग्रेस नेताओं द्वारा ऐसी अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल पर गहरी नाराजगी जताई और मांग की कि कांग्रेस या तो जवाब दे या मल्लिकार्जुन खड़गे को पार्टी के शीर्ष पद से हटा दे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जनता इस अपमान का करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि वैचारिक विरोध को व्यक्तिगत अपमान में बदलना और राजनीतिक असहमति को गाली-गलौज के स्तर तक गिराना कांग्रेस के वैचारिक शून्यता को दर्शाता है। इसके अलावा बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद, संबित पात्रा, अनुराग ठाकुर और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तथा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस बयान की कड़ी निंदा की और माफी की मांग की।

कार्यक्रम के दौरान हुआ हंगामा

दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने मल्लिकार्जुन खड़गे का बचाव करते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री के वैचारिक संरक्षक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का जिक्र कर रहे थे। खेड़ा ने कार्यक्रम के दौरान हुए हंगामे को खड़गे के खिलाफ एक "घृणित कृत्य" बताया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने भी कहा कि ऐसा बयान कोई अपमान नहीं है और उन्होंने अतीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए बयानों का जिक्र किया। इस बीच, पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान खड़गे ने आरएसएस पर भी निशाना साधा और कहा, "जब तक इस देश में आरएसएस की विचारधारा बनी रहेगी, तब तक शांति नहीं मिलेगी।"

(इनपुट: ANI)

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