पश्चिम एशिया में जारी संकट और उससे उत्पन्न वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “सात अपीलों” को लेकर देश में सियासी बहस तेज हो गई है।
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संकट और उससे उत्पन्न वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “सात अपीलों” को लेकर देश में सियासी बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने इन अपीलों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
प्रधानमंत्री की ‘सात अपीलें’ क्या हैं?
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में नागरिकों से ईंधन और खाद्य तेल की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने, कार-पूलिंग बढ़ाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने की अपील की थी। इसके साथ ही उन्होंने आयात पर निर्भरता घटाने और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने की बात कही थी।
‘देशभक्ति के नाम पर बोझ’ का आरोप
संजय सिंह ने प्रधानमंत्री की इन अपीलों को “देशभक्ति के नाम पर आम लोगों पर बोझ डालना” बताया। उन्होंने कहा कि महंगाई के बीच सरकार नागरिकों से अतिरिक्त त्याग करने को कह रही है, जबकि खुद बड़े स्तर पर खर्च और संसाधनों का उपयोग कर रही है।
चुनावी राजनीति और महंगाई पर हमला
सिंह ने आरोप लगाया कि चुनावों के समय जनता पर बोझ नहीं डाला जाता, लेकिन बाद में महंगाई बढ़ा दी जाती है। उन्होंने पेट्रोल, डीजल और खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। AAP सांसद ने सरकार पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ आम जनता से बचत की अपील की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ बड़े स्तर पर राजनीतिक कार्यक्रमों और यात्राओं में संसाधनों का उपयोग हो रहा है।
प्रधानमंत्री की अपील का संदर्भ
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के बीच “आर्थिक आत्मरक्षा” की बात करते हुए जिम्मेदार उपभोग को देशभक्ति का हिस्सा बताया था। उन्होंने कहा था कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के कारण देश को सतर्क और आत्मनिर्भर बनना होगा।
ANI
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