Sugar Production : देश में चालू पेराई सत्र में चीनी मिलों ने उत्पादन के मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन किया है। चीनी के उत्पादन में इस साल अक्टूबर-नवंबर..
देश में चीनी उत्पादन 43% बढ़ा, बाजार में उपलब्धता बढ़ने से कीमतें घटने की संभावना
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Sugar Production : देश में चालू पेराई सत्र में चीनी मिलों ने उत्पादन के मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन किया है। चीनी के उत्पादन में इस साल अक्टूबर-नवंबर के दौरान पिछले साल के मुकाबले 43% की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। चालू मार्केटिंग ईयर के पहले दो महीनों में कुल उत्पादन 41.1 लाख टन से ऊपर निकल गया। महाराष्ट्र ने उत्पादक राज्यों में सबसे अधिक का उत्पादन कर पहला स्थान हासिल किया है। महाराष्ट्र में उत्पादन पिछले साल के 4.6 लाख टन से बढ़कर 16.9 लाख टन हो गया है।
इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (इस्मा) की ओर से मंगलवार को बताया कि पिछले साल इसी अवधि में यह 28.8 लाख टन था। इस्मा के मुताबिक चीनी उत्पादन में यह उछाल मुख्य रूप से दूसरे सबसे बड़े उत्पादक राज्य महाराष्ट्र के शानदार प्रदर्शन से आया है। यहां चीनी उत्पादन एक साल पहले के 4.6 लाख टन से 3.7 गुना बढ़कर 16.9 लाख टन पर पहुंच गया। गन्ने की बेहतर फसल और अच्छी शुगर रिकवरी रेट के चलते देशभर में क्रशिंग ऑपरेशन तेजी से बढ़ रहा है। इस बार अक्टूबर-नवंबर में 428 प्लांट चालू थे। जबकि पिछले साल समान अवधि में 376 प्लांट ही चालू थे।
चीनी उत्पादन में वृद्धि से चीनी की कीमतों कमी आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन में भारी उछाल के बावजूद चीनी के दाम तुरंत घटेंगे, ऐसा नहीं लग रहा है। कीमतें सरकारी नीतियों, स्टॉक लिमिट और घरेलू मांग पर निर्भर करेंगी। परन्तु बढ़ी हुई उपलब्धता के कारण दामों में स्थिरता रहने और उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना जरूर है।
नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के मुताबिक इस बार गन्ने से चीनी निकालने की दर (रिकवरी रेट) बढ़कर 8.51% हो गई है। इसके अलावा, एथेनॉल उत्पादन के लिए कम चीनी डायवर्ट होने के कारण घरेलू बाजार में उपलब्धता और बढ़ेगी। ISMA ने सरकार से 10 लाख टन अतिरिक्त चीनी निर्यात की अनुमति देने की मांग की है, हालांकि वैश्विक बाजार में कम कीमतों के कारण यह चुनौतीपूर्ण होगा।
महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख राज्यों में उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि
महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख राज्यों में उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अगैती प्रजाति की गन्ना की उपलब्धता बढ़ने और मिलों में तेज पेराई की वजह से देश में चीनी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि बाजार में चीनी की आवक बढ़ने से इसकी कीमत सस्ती हो सकती है।
महाराष्ट्र ने इस उछाल में सबसे अहम भूमिका निभाई है। यहां उत्पादन तीन गुना से अधिक बढ़कर 1.7 मिलियन टन पर पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश में भी उत्पादन में 9% की वृद्धि दर्ज की गई और यह 1.4 मिलियन टन तक पहुंच गया। दोनों राज्यों में बेहतर मौसम और समय पर पेराई की शुरुआत इसका मुख्य कारण है।
इसके विपरीत कर्नाटक में चीनी उत्पादन में गिरावट देखी गई। यहां उत्पादन 8.12 लाख टन से गिरकर 7.74 लाख टन रह गया। किसानों द्वारा गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन ने मिलों में क्रशिंग प्रक्रिया को प्रभावित किया, जिससे कुल उत्पादन पर असर पड़ा।
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