इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक नीतियों का समन्वय स्थापित करना भी है ताकि रणनीतिक संसाधन विकास को समर्थन मिल सके।
नई दिल्ली। वैश्विक संसाधन एकाधिकार और भविष्य की प्रौद्योगिकी सप्लाई चेन की चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के क्वाड समूह ने मंगलवार को एक बड़ी पहल की घोषणा की है।
ये देश सार्वजनिक और निजी निवेश के माध्यम से 20 अरब डॉलर तक जुटाने की योजना बना रहे हैं। इसका उद्देश्य वैश्विक आपूर्ति स्रोतों पर निर्भरता कम करना और आपूर्ति सुरक्षा में सुधार करना है। यह घोषणा 26 मई को नई दिल्ली में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान की गई थी।
क्वाड ने खनिज मूल्य श्रृंखला में सहयोग बढ़ाने के लिए 'क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स इनिशिएटिव फ्रेमवर्क' का अनावरण किया। यह फ्रेमवर्क खनन, प्रसंस्करण, शोधन, पुनर्चक्रण और आपूर्ति श्रृंखला वित्तपोषण सहित गतिविधियों पर केंद्रित है।
इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक नीतियों का समन्वय स्थापित करना भी है ताकि रणनीतिक संसाधन विकास को समर्थन मिल सके। इस पहल का उद्देश्य संयुक्त निवेश को बढ़ावा देना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती में सुधार करना है।
इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक नीतियों का समन्वय स्थापित करना भी है ताकि रणनीतिक संसाधन विकास को समर्थन मिल सके। इस पहल का उद्देश्य संयुक्त निवेश को बढ़ावा देना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती में सुधार करना है।
आधुनिक उद्योगों में महत्वपूर्ण खनिजों का महत्व
लिथियम, कोबाल्ट, निकेल, ग्रेफाइट और दुर्लभ पृथ्वी तत्व जैसे महत्वपूर्ण खनिज कई उद्योगों के लिए आवश्यक हैं। इन सामग्रियों का व्यापक रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी, नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों, सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस उपकरण और रक्षा अनुप्रयोगों में उपयोग किया जाता है।
स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों की ओर वैश्विक बदलाव के साथ-साथ इनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। इसलिए औद्योगिक और तकनीकी विकास के लिए इन खनिजों की स्थिर और विविध उपलब्धता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण माना जाता है।
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