राहुल गांधी ने चुनाव निष्पक्षता और कथित वोट चोरी को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है।
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी ने चुनावों की निष्पक्षता और कथित वोट चोरी के गंभीर मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि राष्ट्रपति भवन से नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से चुनाव गड़बड़ियों के सबूतों से जुड़े दावों का खंडन किया गया था। साथ ही, उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है।
राष्ट्रपति भवन बनाम पीएमओ का विवाद
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद को वर्तमान राजनीतिक स्थिति की पूरी जानकारी है। उन्होंने कहा, "हम भारत की राष्ट्रपति के पास गए थे। राष्ट्रपति ने खुद कहा था, 'मुझे सबूत दीजिए।' हम सबूत लेकर जा रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि आपने इस बात पर गौर किया होगा कि राष्ट्रपति भवन की तरफ से कोई खंडन नहीं आया। यह खंडन चुपचाप प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की तरफ से किया गया। यहां तक कि राष्ट्रपति और उनके कार्यालय को भी पता है कि क्या चल रहा है और उन्होंने मेरे बयान का खंडन करने से इनकार कर दिया है।"
सड़कों से आगे सोच और मन की लड़ाई
विपक्ष के वैचारिक और राजनीतिक संघर्ष के बारे में विस्तार से बताते हुए राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल सड़क पर होने वाले आम प्रदर्शनों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, "तो भाइयों, हम सिर्फ सड़कों के लिए नहीं लड़ रहे हैं। हम सोच के लिए लड़ रहे हैं। हम भारत के लोगों के दिलों के लिए लड़ रहे हैं। हम देशवासियों को बता रहे हैं कि इस तरह का भारत आपके लिए खतरनाक है। यह भारत अंबानी, अडानी, मोदी और डोभाल के अनुकूल हो सकता है, लेकिन यह आपके और आपके बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है।"
सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा और याचिका
न्यायपालिका के समक्ष उठाए जाने वाले औपचारिक कानूनी कदमों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि विपक्ष ने इस संबंध में कदम उठाया है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस अध्यक्ष और मैंने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखकर भारतीय लोकतंत्र की हत्या और चुनावी निष्पक्षता पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। सीजेआई ने हमें जवाब दिया और याचिका दायर करने का निर्देश दिया। आज INDIA गठबंधन के नेता और मैं एक साथ सुप्रीम कोर्ट जाकर यह याचिका दाखिल करेंगे।"
मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा निशाना
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा प्रहार करते हुए विपक्ष के नेता ने उनके इस्तीफे की मांग दोहराई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया, "यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि हम वही सवाल उठा रहे हैं जो दो चुनाव आयुक्तों ने पूछे थे: ज्ञानेश कुमार इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं? ज्ञानेश कुमार, आपकी नींद उड़ चुकी है; हम आपको बख्शेंगे नहीं। हमें आपके अतीत और भ्रष्टाचार के बारे में सब पता है, और हम इंतजार कर रहे हैं"
सुरक्षा बलों के समर्थन का दावा
सुरक्षा बलों के भीतर समर्थन का दावा करते हुए उन्होंने कहा, "ठीक 50% पुलिसकर्मी हमसे कह रहे हैं कि हम जो कर रहे हैं, वह बिल्कुल सही है और हमें इसे जारी रखना चाहिए। एक तरफ पुलिस, आईटीबीपी (ITBP), सीआरपीएफ (CRPF) और भारत की जनता है, तो दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजीत डोभाल, ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के 4-5 सदस्य हैं जो 'वोट चोरी' और देश को हाईजैक करने में मदद कर रहे हैं। हम इस खाई को और चौड़ा कर रहे हैं"
संविधान रक्षा और युवाओं का संकल्प
अपने संबोधन के दौरान संविधान की एक प्रति दिखाते हुए राहुल गांधी ने इसे देश के युवाओं की पवित्र आवाज बताया और लोगों से पुलिस बैरिकेड्स व सख्ती के बावजूद डटे रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "देखिये, जो भी सरकार के खिलाफ खड़ा है, मैं उससे कहना चाहता हूं: ऐसे करोड़ों युवा हैं जो लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं। मुझे संविधान दीजिए। करोड़ों युवा हैं जो लोकतंत्र की रक्षा करना चाहते हैं, जो संविधान को अपनी आस्था मानते हैं, क्योंकि यह भारत की आवाज है। और इस आवाज—जनता की आवाज—को हम अपना पवित्र कर्तव्य मानते हैं, जिस पर लगातार हमले हो रहे हैं।"
गांधी ने आगे कहा, "आपको लगता है कि एक दिन हम सड़कों पर उतरे, पुलिस ने हमें रोक दिया। हम जंतर-मंतर गए, पुलिस ने हमें वहां रोक दिया। रविवार को छात्रों ने प्रदर्शन किया, हमें रोका गया। आज हम जा रहे हैं, आज भी वे हमें रोकेंगे। यह प्रतिरोध एक दिन की बात नहीं है। हम लगातार संघर्ष कर रहे हैं। और यह मत सोचिए कि इसकी शुरुआत पांच दिन पहले हुई है। इसका प्रभाव अब नजर आ रहा है, लेकिन यह प्रतिरोध वर्षों से चल रहा है। इसलिए मेरा आप सभी को संदेश है: डटे रहें।"
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने अंत में जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक दृढ़ता के लिए दीर्घकालिक प्रतिबद्धता अनिवार्य है। उन्होंने कहा, "अगर हम कल ऐसा करेंगे, वे रोकेंगे। परसों करेंगे, तब भी रोकेंगे। उन्हें रोकने दीजिए! राष्ट्र का निर्माण इसी तरह होता है। देश की रक्षा सिर्फ दो दिनों में नहीं हो जाती। यह मत सोचिए कि बस एक दिन बाहर निकलकर झंडा फहराने से राष्ट्र सुरक्षित हो जाता है।"
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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