दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि 100 से ज़्यादा चैलेंज के साथ, 'डिफेंस इंडिया स्टार्ट-अप चैलेंज...
जब छोटे उद्योग बड़े डिफेंस प्रोग्राम का हिस्सा बनेंगे, तभी इनोवेशन की रफ़्तार तेज़ होगी : राजनाथ सिंह |
दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि जब छोटे उद्योग बड़े डिफेंस प्रोग्राम का हिस्सा बनेंगे, तभी हम इनोवेशन की रफ़्तार को तेज़ कर पाएंगे. 100 से ज़्यादा चैलेंज के साथ, 'डिफेंस इंडिया स्टार्ट-अप चैलेंज' (DISC 14) का 14वां एडिशन भी लॉन्च किया गया है. वे राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन में बोल रहे थे.
उन्होंने कहा कि "DISC की अब तक की सफलता को देखते हुए हमारे DPSUs (डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स) द्वारा पहली बार 100 से ज़्यादा चैलेंज दिए जा रहे हैं. मैं DISC के नए एडिशन के लिए सभी इनोवेटर्स को अपनी शुभकामनाएं देता हूं. इस कॉन्क्लेव का मुख्य मकसद यह है कि हम इस दिशा में सोचें कि हमारे MSMEs को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन से कैसे और ज़्यादा जोड़ा जा सकता है."
"भारत को ड्रोन निर्माण के क्षेत्र में इकोसिस्टम करना होगा तैयार"
उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया इन संघर्षों को देख रही है. इनसे यह साफ हो गया है कि भविष्य की लड़ाइयों में ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक की भूमिका सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होने वाली है, इसलिए भारत को ड्रोन निर्माण के क्षेत्र में एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना होगा, जिसमें हम पूरी तरह आत्मनिर्भर हों.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि "जब छोटे उद्योग बड़े रक्षा कार्यक्रमों का हिस्सा बनेंगे, तभी देश में नई खोज और तकनीक की रफ्तार तेज होगी. किसी भी देश के रक्षा तंत्र को मजबूत बनाने में बड़े उद्योगों के साथ-साथ MSMEs, स्टार्टअप और इनोवेटर्स की भूमिका बहुत अहम होती है. इसमें सरकार की स्पष्ट नीतियां भी बड़ा योगदान देती हैं."
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