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भारतीय रुपये में आज एक बार फिर भारी गिरावट...

डालर के मुकाबले फिर ऑल-टाइम लो पर रुपया

भारतीय रुपये में आज एक बार फिर भारी गिरावट देखने को मिली है। डॉलर के मुकाबले रूपये ने ऑल-टाइम लो का नया रिकार्ड बनाया।

डालर के मुकाबले फिर ऑल-टाइम लो पर रुपया

Rupee again at all-time low against dollar |

मुंबई। भारतीय रुपये में आज एक बार फिर भारी गिरावट देखने को मिली है। डॉलर के मुकाबले रूपये ने ऑल-टाइम लो का नया रिकार्ड बनाया। गुरुवार को  डॉलर के मुकाबले रूपया 90.4675 के स्तर पर आ गया जो अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन है। इससे पहले यह 4 दिसंबर को 90.42 के स्तर तक गिरा था। 

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में थोड़ा मजबूत होकर 89.95 पर खुला, लेकिन जल्द ही अपनी बढ़त खो बैठा और बुधवार के 89.87 के बंद भाव की तुलना में गिरकर 90.41 पर आ गया।

रुपये की गिरावट के मुख्य कारण: फेडरल रिजर्व की दरें और तेल की कीमतें

रूपये में गिरावट का कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की बढ़ती कीमत को माना जा रहा है। रुपये के खराब प्रदर्शन के पीछे कई कारण बताये जा रहे हैं जिसमें भारत का लगातार बढ़ता व्यापार घाटा, भारतीय सामान पर अमेरिका में 50% का भारी टैरिफ और देश से बाहर जा रही विदेशी करेंसी जैसे कारण शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। फ्यूचर्स ट्रेड में ब्रेंट क्रूड 0.22% बढ़कर USD 62.35 प्रति बैरल पर पहुंच गया।

रिकॉर्ड निचले स्तर पर रुपया, प्रमुख करेंसीज़ में तीसरा सबसे खराब प्रदर्शन

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती के एलान के बाद गुरुवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 59 पैसे गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर  90.4675 पर आ गया, जो 4 दिसंबर को बने अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 90.42 को भी पार कर गया। इस साल 2025 में रुपया डॉलर के मुकाबले 5% से ज्यादा गिर चुका है। रुपया 31 प्रमुख करेंसीज में तीसरी सबसे ज्यादा खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी है। सिर्फ तुर्की की लीरा और अर्जेंटीना की पेसो में ही रुपये से ज्यादा गिरावट आई है। यह गिरावट तब आई है जब डॉलर इंडेक्स में 7% से ज्यादा गिरावट आई है।

विशेषज्ञ की राय: भारत-US डील की संभावना और मेक्सिको के टैरिफ का असर

रूपये में गिरावट के कारणों पर चर्चा करते हुए फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स LLP के ट्रेजरी हेड और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनिल कुमार भंसाली ने कहा, "भारत के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर के यह कहने के बाद कि भारत-US ट्रेड डील मार्च तक हो सकती है, रुपया 90.4825 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। साथ ही, मेक्सिको का कहना है कि वह भारत समेत एशियाई देशों से आने वाले सामानों पर 50% तक टैरिफ लगाएगा। यील्ड बढ़ने पर FPIs भी डेट बेच रहे हैं। US और जापान बॉन्ड की लंबी अवधि की यील्ड बढ़ने से भी रुपये पर असर पड़ा। सरकारी डेट से पैसे निकलने से रुपया नीचे बना हुआ है।"

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