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बुल्गारिया में एस जयशंकर का बड़ा बयान

बुल्गारिया में एस जयशंकर का बड़ा बयान, दुनिया को दी बातचीत और डिप्लोमेसी की नसीहत

दुनियाभर में जारी भीषण संघर्षों के बीच भारत ने एक बार फिर शांति और कूटनीति पर विशेष जोर देने की बात कही है।

बुल्गारिया में एस जयशंकर का बड़ा बयान दुनिया को दी बातचीत और डिप्लोमेसी की नसीहत

सोफिया (बुल्गारिया)। दुनियाभर में जारी भीषण संघर्षों के बीच भारत ने एक बार फिर शांति और कूटनीति पर विशेष जोर देने की बात कही है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ तौर पर दोहराया है कि किसी भी विवाद का हल सिर्फ बातचीत और डिप्लोमेसी (कूटनीति) से ही मुमकिन है। बुल्गारिया के दौरे पर पहुंचे विदेश मंत्री ने वैश्विक आर्थिक संकट पर चिंता जताते हुए सप्लाई चेन को मजबूत बनाने और समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने की पुरजोर वकालत की है।

द्विपक्षीय मुलाकात के बाद जयशंकर का बड़ा बयान

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यह अहम बातें अपनी बुल्गारियाई समकक्ष वेलिसलावा पेत्रोवा-चामोवा के साथ हुई एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद कहीं। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। साझा प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जयशंकर ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों पर भारत का रुख खुलकर सामने रखा।

कूटनीति ही एकमात्र रास्ता, युद्ध समाधान नहीं

दुनिया की मौजूदा अस्थिरता का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि इस समय वैश्विक भविष्य बेहद अनिश्चित और उतार-चढ़ाव भरा नजर आ रहा है। कई बड़े युद्ध, आर्थिक असुरक्षा, महामारी के कड़वे अनुभव और आतंकवाद का लगातार बढ़ता खतरा दुनिया के सामने गंभीर चुनौतियां हैं। उन्होंने भारत का रुख साफ करते हुए कहा, "हमारा मानना है कि यह युद्ध का युग नहीं है। किसी भी टकराव का एकमात्र समाधान सिर्फ और सिर्फ बातचीत और कूटनीति है।"

ग्लोबल साउथ की आवाज बना भारत

जयशंकर ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत आज 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील और गरीब देशों) की मजबूत आवाज बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा ईंधन (ऊर्जा), भोजन और खाद (फर्टिलाइजर) की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। भारत लगातार यह मांग उठाता रहा है कि वैश्विक संकटों के दौर में भी अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए।

आर्थिक जोखिमों से निपटने के लिए नया फॉर्मूला

आर्थिक मोर्चे पर मंडराते खतरों को लेकर विदेश मंत्री ने एक व्यावहारिक समाधान पेश किया। उन्होंने कहा, "जहां तक आर्थिक जोखिमों का सवाल है, इसका जवाब सप्लाई चेन को लचीला (Resilient) बनाने और इसमें विविधता लाने में छिपा है। यह बेहद जरूरी है कि समुद्री व्यापारिक रास्तों को न तो रोका जाए और न ही उन्हें किसी तरह के खतरे में डाला जाए।"

आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति

सुरक्षा के मोर्चे पर दुनिया को कड़ा संदेश देते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद को लेकर पूरी दुनिया को 'जीरो टॉलरेंस' (कतई बर्दाश्त न करने) की नीति अपनानी होगी। इसमें किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं हो सकता। राहत की बात यह है कि इन सभी गंभीर मुद्दों पर भारत और बुल्गारिया की सोच पूरी तरह एक जैसी है।

द्विपक्षीय और यूरोपीय संघ के रिश्तों पर मंथन

अपने इस बुल्गारिया दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वहां के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। इस दौरान भारत और बुल्गारिया के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाने पर गहन चर्चा हुई। साथ ही, भारत और यूरोपीय संघ (EU) की साझेदारी को और मजबूत करने तथा भविष्य में दोनों देश मिलकर क्या नया कर सकते हैं, इस पर भी खाका तैयार किया गया।

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