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सत्य निकेतन इमारत हादसा

सत्य निकेतन इमारत रेनोवेशन में बेसमेंट में भरा था 3 ट्रक मलबा, दीवार हटाने से ढहा ढांचा

दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की जांच में रेनोवेशन के दौरान बेसमेंट में मलबा भरने और ग्राउंड फ्लोर की दीवार हटाने की बात सामने आई है।

सत्य निकेतन इमारत रेनोवेशन में बेसमेंट में भरा था 3 ट्रक मलबा दीवार हटाने से ढहा ढांचा

Satya Niketan Building Collapse: 3 Trucks of Debris Added During Renovation |

नई दिल्ली (भारत)। दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना की जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हादसे से करीब 10 दिन पहले किए गए रेनोवेशन के दौरान बेसमेंट में भारी मात्रा में मलबा डाला गया था और हादसे वाले दिन ग्राउंड फ्लोर की एक दीवार भी हटा दी गई थी। पुलिस का दावा है कि इन संरचनात्मक बदलावों से इमारत कमजोर हुई, जिसके बाद वह भरभराकर गिर गई। हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी और मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

हादसे से 10 दिन पहले बेसमेंट में डाला गया तीन ट्रक मलबा

जांच के अनुसार, घटना से लगभग 10 दिन पहले महेश गुप्ता के कहने पर इमारत में रेनोवेशन का काम किया गया था। पुलिस ने बताया कि रेनोवेशन में बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के बराबर लाने का काम शामिल था। इस काम के तहत बेसमेंट में निर्माण कार्य का लगभग तीन ट्रक मलबा भरा गया था।

दुकान के लिए दीवार हटाने के बाद इमारत की स्थिरता पर पड़ा असर

घटना के दिन, कथित तौर पर एक दुकान के लिए अतिरिक्त जगह बनाने के लिए ग्राउंड फ्लोर की एक दीवार हटा दी गई थी। पुलिस के अनुसार, संरचनात्मक बदलावों और बेसमेंट में अतिरिक्त भार ने इमारत की स्थिरता को प्रभावित किया, जिसके बाद ढांचा गिर गया। पुलिस ने बताया कि रेनोवेशन के काम के लिए कथित तौर पर रखे गए लेबर कॉन्ट्रैक्टर 35 वर्षीय सानोज कुमार को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ा गया और बाद में इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।

लेबर कॉन्ट्रैक्टर को रोजाना 2,800 रुपये मिलते थे, PG में हो रहा था इस्तेमाल

पूछताछ के दौरान, सानोज ने कथित तौर पर बताया कि उसे रेनोवेशन के काम के लिए महेश गुप्ता द्वारा प्रति दिन 2,800 रुपये का भुगतान किया जा रहा था। जांच में यह भी पता चला कि इमारत का इस्तेमाल पीजी (PG) आवास के तौर पर किया जा रहा था। पुलिस ने पीजी संचालक 31 वर्षीय सुधांशु लोवनीश को गिरफ्तार किया।

जर्जर इमारत को 1.05 लाख रुपये मासिक किराए पर लिया था

पुलिस ने बताया कि सुधांशु और उसके सहयोगी शुभम त्यागी ने अगस्त 2025 में 1.05 लाख रुपये प्रति माह के किराए पर इमारत की चार मंजिलें ली थीं। पुलिस के अनुसार, उन्होंने इमारत की जर्जर हालत के कारण इसे अपेक्षाकृत कम किराए पर लिया था। जांचकर्ताओं का आरोप है कि सुधांशु को निर्माण कार्य के बारे में पता था, लेकिन यह जानते हुए भी कि इससे इमारत प्रभावित हो सकती है, उसने लापरवाही बरती।

तीनों आरोपी दो दिन की पुलिस हिरासत में, सात लोगों की हुई थी मौत

तीनों आरोपियों - महेश गुप्ता, सानोज कुमार और सुधांशु लोवनीश - को अदालत में पेश किया और दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। आगे की जांच जारी है। 6 सितंबर को सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी। (Source: ANI)

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