प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

भ्रामक सलाह देने पर फिनफ्लुएंसर्स पर लगेगी लगाम

सेबी ने शेयर बाय, सेल, होल्ड कॉल की सलाह को लेकर कड़े किये नियम

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बिना पंजीकरण के शेयर टिप्स देने वाले फिनफ्लुएंसर्स पर कार्रवाई तेज कर दी है।

सेबी ने शेयर बाय सेल होल्ड कॉल की सलाह को लेकर कड़े किये नियम

फाइल फोटो |

चेन्नई। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बिना पंजीकरण के शेयर टिप्स देने वाले फिनफ्लुएंसर्स पर कार्रवाई तेज कर दी है। सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अब तक करीब एक लाख ऐसे वीडियो हटाए जा चुके हैं। इसके लिए सेबी ने ‘सुदर्शन’ नामक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल को अपनाया है, जो सोशल मीडिया पर स्टॉक टिप्स से जुड़े कंटेंट की निगरानी करता है।

बिना रजिस्ट्रेशन शेयर टिप्स देने वाले 'फिनफ्लुएंसर्स' पर कार्रवाई तेज

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बिना पंजीकरण (Registration) के शेयर टिप्स देने वाले 'फिनफ्लुएंसर्स' (Finfluencers) पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। उन्हें गलत और भ्रामक सलाह देने से रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं, जिसके तहत अब उन्हें स्टॉक टिप्स, बाय/सेल/होल्ड कॉल देने से रोका गया है और उन्हें निवेशकों की सुरक्षा के लिए प्लेटफॉर्म्स से हटाया जा रहा है, और इसके उल्लंघन पर भारी जुर्माने और प्रतिबंध का प्रावधान है।

अब केवल तीन महीने से पुरानी डेटा का उपयोग कर सकेंगे फिनफ्लुएंसर्स

SEBI ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए उन फिनफ्लुएंसर्स पर कार्रवाई कर रहा है जो खुद को 'शिक्षक' बताकर शेयर बाजार के बारे में गलत जानकारी या टिप्स देते हैं। खासकर YouTube, Telegram और WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म्स पर। पंजीकृत ब्रोकर और फंड हाउस अब ऐसे अनरजिस्टर्ड फिनफ्लुएंसर्स के साथ साझेदारी नहीं कर सकते। नियमों के तहत फिनफ्लुएंसर्स अब लाइव स्टॉक कीमतों का उपयोग नहीं कर सकते बल्कि केवल तीन महीने से पुरानी ऐतिहासिक डेटा का उपयोग कर सकते हैं। वे विशिष्ट बाय/सेल/होल्ड कॉल या रियल-टाइम ट्रेडिंग संकेत नहीं दे सकते।

निवेशकों तक सही और पर्याप्त जानकारी पहुंचाना सेबी का उद्देश्य

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार SME आईपीओ में तेज उतार-चढ़ाव को लेकर सेबी प्रमुख ने स्पष्ट किया कि नियामक कीमतों या वैल्यूएशन में दखल नहीं देता, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि निवेशकों को सही और पर्याप्त जानकारी मिले। उन्होंने बताया कि हाल ही में आईपीओ विज्ञापनों के नियम बदले गए हैं, ताकि यह साफ तौर पर पता चल सके कि आईपीओ मेन बोर्ड का है या SME बोर्ड का। पहले यह जानकारी अक्सर विज्ञापन के अंत में छिपी होती थी।

सेबी सदस्यों और अधिकारियों के हितों के टकराव से जुड़े मामलों की समीक्षा के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति (HLC) को लेकर भी अपडेट दिया गया। सेबी प्रमुख ने बताया कि दिसंबर 2025 में हुई बोर्ड बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी और कुछ बिंदुओं पर और विचार-विमर्श की आवश्यकता जताई गई है, खासकर सार्वजनिक खुलासे से जुड़े पहलुओं पर।

यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/business/nses-much-awaited-ipo-may-get-approval-this-month/104610

एनएसई के बहुप्रतीक्षित आइपीओ को इस माह मिल सकती है मंजूरी

Related to this topic: