अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के खिलाफ शिया मुसलमानों ने रविवार को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।
लखनऊ/बांदीपोरा। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के खिलाफ शिया मुसलमानों ने रविवार को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। लखनऊ में प्रमुख शिया धर्मगुरु मौलाना यासुब अब्बास ने खामेनेई की हत्या की निंदा करते हुए इसे वैश्विक समुदाय के लिए "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" बताया। वहीं जम्मू-कश्मीर के रामबन में प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए, "तुम कितने हुसैनी मारोगे...हर घर से हुसैनी निकलेगा।" उन्होंने प्रदर्शन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का पुतला भी जलाया। बांदीपोरा में प्रदर्शनकारियों ने दिवंगत धर्मगुरु की तस्वीर लेकर इस घटना पर दुख जताया और निंदा की।
मौलाना यासुब अब्बास का ऐलान — तीन दिन का शोक, इमामबाड़ा में बड़ा प्रदर्शन
लखनऊ में शिया धर्मगुरु मौलाना यासुब अब्बास ने कहा कि, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। दुनिया सोचती है कि खामेनेई को मारकर ईरान का सफाया हो जाएगा। अमेरिका और इज़राइल को ईरान से मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। आज रात 8:30 बजे लखनऊ के इमामबाड़ा में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होंगे। अखिल भारतीय शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन दिन के शोक की घोषणा की है, जिसके दौरान हम सभी काले कपड़े पहनेंगे और अपने घरों पर काले झंडे फहराएंगे।"

बांदीपोरा, बडगाम और श्रीनगर में शांतिपूर्ण मार्च, काले झंडों के साथ श्रद्धांजलि
बांदीपोरा में प्रदर्शनकारियों ने दिवंगत धर्मगुरु की तस्वीर लेकर इस घटना पर दुख और निंदा व्यक्त की। इससे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के विरोध में बडगाम और श्रीनगर में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन किए गए थे। विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे। इसमें प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई की तस्वीरें और ईरान के समर्थन में बैनर लिए हुए थे। श्रीनगर की सड़कों पर काले झंडे, अयातुल्ला के चित्र और पारंपरिक शोक गीत (नौहा) सुने गए।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/india/iran-embassy-in-india-slams-killing-as-unforgivable-crime/146579
भारत स्थित ईरानी दूतावास का तीखा बयान - खामेनेई की हत्या को बताया 'अक्षम्य अपराध'