हिमाचल प्रदेश की शूलिनी यूनिवर्सिटी ने प्रतिष्ठित 'क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग' (QS World University Rankings) के टॉप 500 संस्थानों में जगह बना ली है।
नई दिल्ली। भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ी और गर्व करने वाली खबर सामने आई है। हिमाचल प्रदेश की शूलिनी यूनिवर्सिटी ने वैश्विक मंच पर अपनी कामयाबी का परचम लहराते हुए प्रतिष्ठित 'क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग' (QS World University Rankings) के टॉप 500 संस्थानों में जगह बना ली है। दुनिया भर के विश्वविद्यालयों की इस दौड़ में शूलिनी यूनिवर्सिटी को 452वां स्थान मिला है, जबकि भारत में 'ओवरऑल' रैंकिंग में यह 10वें पायदान पर पहुंच गई है। बड़ी बात यह है कि टॉप 500 में शामिल होने वाली यह देश की एकमात्र प्राइवेट यूनिवर्सिटी है।
लगातार चौथे साल नंबर-1 का खिताब, हर साल सुधरी रैंकिंग
क्वाक्वेरेली साइमंड्स (QS) द्वारा जारी साल 2027 के इस वैश्विक रैंकिंग एडिशन में दुनिया भर के 106 उच्च शिक्षा प्रणालियों के 1,500 से अधिक विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया था। इस बार भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन रहा है, जहां देश के 52 विश्वविद्यालयों ने इस लिस्ट में जगह बनाई है- जो एक दशक पहले की तुलना में पांच गुना अधिक है। इस कड़े मुकाबले के बीच शूलिनी यूनिवर्सिटी देश की इकलौती ऐसी प्राइवेट यूनिवर्सिटी बन गई है, जिसने लगातार चार रैंकिंग साइकिल में भारत के टॉप 10 संस्थानों में अपनी जगह सुरक्षित रखी है।
अगर पिछले कुछ सालों के सफर पर नजर डालें, तो यूनिवर्सिटी की तरक्की की कहानी साफ दिखती है। शूलिनी यूनिवर्सिटी ने पहली बार इस रैंकिंग में 801-1000 के बैंड (bracket) में एंट्री ली थी। इसके बाद यह 771-780 बैंड में आई, फिर छलांग लगाकर 587वें और पिछले साल 503वें स्थान पर पहुंची। इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए यूनिवर्सिटी सीधे 452वें पायदान पर आ खड़ी हुई है, यानी हर साल इसकी रैंकिंग में लगातार सुधार हुआ है।

रिसर्च के दम पर मिली बड़ी कामयाबी
शूलिनी यूनिवर्सिटी की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उसके रिसर्च (अनुसंधान) की सबसे बड़ी भूमिका रही है। यूनिवर्सिटी ने 'साइटेशन्स पर फैकल्टी' (Citations per Faculty) के पैमाने पर दुनिया भर में 138वें स्थान से सीधे 76वें स्थान पर पहुंचकर सबको चौंका दिया है। एक साल में 62 पायदान की यह छलांग इस बार किसी भी भारतीय संस्थान द्वारा रिसर्च के क्षेत्र में किए गए सबसे बड़े सुधारों में से एक है।
यूनिवर्सिटी के फाउंडर चांसलर ने जताई खुशी
इस बड़ी उपलब्धि पर यूनिवर्सिटी के फाउंडर चांसलर प्रोफेसर पी.के. खोसला ने गहरी खुशी जाहिर की है। उन्होंने संस्थान की इस यात्रा को साझा करते हुए कहा, "जब हमने शूलिनी की शुरुआत की थी, तब हमारा विजन केवल एक और यूनिवर्सिटी खड़ी करना नहीं था। हम एक ऐसा संस्थान बनाना चाहते थे जो ज्ञान के निर्माण और इनोवेशन (नवाचार) में सार्थक योगदान दे सके। दुनिया के टॉप 500 विश्वविद्यालयों में शामिल होना हमारे लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। इससे यह भी साबित होता है कि अगर हम रिसर्च, अकादमिक अनुशासन और इनोवेशन की संस्कृति के प्रति प्रतिबद्ध रहें, तो भारत में भी वैश्विक स्तर पर सम्मानित विश्वविद्यालय बनाए जा सकते हैं।" (Source: ANI)
यह भी पढ़ें: खतौली में रील के चक्कर में बीच सड़क पर छात्राओं को परेशान करने वाला युवक गिरफ्तार