श्रद्धा वॉकर हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला की सुरक्षा को लेकर साकेत कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन को तत्काल जरूरी कदम उठाने और आवश्यकता पड़ने पर उसकी सेल बदलने का निर्देश दिया है।
नई दिल्ली। श्रद्धा वॉकर हत्याकांड के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला ने तिहाड़ जेल में बंद कैदियों द्वारा उसे जान से मारने और शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकियां दिए जाने का आरोप लगाया है। इन आरोपों को देखते हुए साकेत जिला अदालत ने जेल अधिकारियों को उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर उसकी वार्ड या सेल बदलने का निर्देश दिया है। अदालत ने संबंधित जेल अधीक्षक से स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ चल रहे मुकदमे में दिन-प्रतिदिन के आधार पर अभियोजन पक्ष के सबूत दर्ज कर रहे हैं। सोमवार को सुनवाई के दौरान आरोपी ने बताया कि फिलहाल वह दिल्ली की तिहाड़ जेल के जेल नंबर 4ए में बंद है, जो एक स्पेशल सेल है, लेकिन यह पनिशमेंट वार्ड भी है।
पिछले 10 दिनों से कुछ कैदी लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे
आरोपी ने आगे बताया कि पिछले 10 दिनों से कुछ कैदी उसे लगातार जान से मारने और शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकी दे रहे हैं, और कह रहे हैं कि वे इम्प्रोवाइज्ड हथियारों, सूआ से उसका चेहरा काट देंगे। आरोपी ने जेल के भीतर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उसने उन पांच कैदियों के नाम भी बताए जो उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। आरोपी आफताब की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अदालत ने उन कैदियों के नामों को गुप्त रख दिया। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने संबंधित जेल अधीक्षक को आरोपी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि इसके अलावा, यदि आवश्यक हो तो आरोपी को कुख्यात कैदियों से दूर एक अलग वार्ड और/या सेल में रखा जा सकता है।
विचाराधीन कैदी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
2 नवंबर के अपने आदेश में अदालत ने कहा, "जेल अधीक्षक और सभी संबंधित अधिकारियों को यह याद दिलाने की आवश्यकता नहीं है कि विचाराधीन कैदी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यह आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रमुख सिद्धांतों में से एक है। विचाराधीन कैदियों को सुरक्षित रखना राज्य का कर्तव्य है, जो किसी आरोपी के निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार के दायरे में आता है।" अदालत ने निर्देश दिया है कि संबंधित जेल अधीक्षक द्वारा जल्द से जल्द स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जाए। अदालत ने आदेश दिया, "आदेश की एक प्रति सूचना और अनुपालन के लिए संबंधित जेल अधीक्षक और आईओ/एसएचओ थाना महरौली को भी भेजी जाए।"
(इनपुटः ANI)
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