भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने SIR प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी पर तीखा हमला बोला है।
SIR को लेकर ममता सरकार पर हमला
भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने SIR प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियां करवाई जा रही हैं और इसमें कुछ बीएलओ और बीडीओ भी मिले हुए हैं।
फर्जी नाम हटाने की कोशिश को विफल करने का आरोप
शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट से फर्जी नाम और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हटाने की जो योजना चल रही है, उसे टीएमसी नेताओं के संरक्षण में विफल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह “योजनाबद्ध साजिश” है।
CAA के तहत हिंदू शरणार्थियों को वोटर बनाने की मांग
विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से तीन मुख्य मांगें रखीं—
- वोटरों के लिए हेल्पलाइन शुरू की जाए
- बांग्लादेश से आए हिंदू शरणार्थियों को CAA के तहत नागरिकता देकर वोटर बनाया जाए
- और अवैध बांग्लादेशी वोटरों के नाम हटाए जाएं
“ममता बनर्जी को चुनाव हार का डर”
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी नेता आगामी विधानसभा चुनाव में हार के डर से बौखलाए हुए हैं। इसी वजह से वे SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ “अपमानजनक भाषा” का इस्तेमाल कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि गणना फॉर्म देने–लेने में जानबूझकर गड़बड़ी की जा रही है और डाटा एंट्री में भी समस्याएं पैदा की जा रही हैं।
13.25 लाख फर्जी वोटरों की सूची सौंपी
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि उन्होंने चुनाव आयोग को 13 लाख 25 हजार फर्जी मतदाताओं की सूची सौंपी है। उनका दावा है कि 20 विधानसभा क्षेत्रों के हर बूथ पर 50 से 150 तक मृत वोटरों के नाम पाए गए हैं।
एक करोड़ से अधिक फर्जी नाम हटने की संभावना
अधिकारी ने कहा कि SIR की पूरी प्रक्रिया में अनुमान है कि एक करोड़ से भी ज्यादा फर्जी और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को गणना फॉर्म जमा करने में परेशानी हो रही है, उनके लिए हेल्पलाइन शुरू की जाए।
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