पश्चिम बंगाल की सरकार ने चुनाव आयोग से सिफारिश की है कि वह राज्य के चार अधिकारियों समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश को वापस ले ले।
एफआईआर के आदेश को वापस लेने की मांग
पश्चिम बंगाल की सरकार ने चुनाव आयोग से सिफारिश की है कि वह राज्य के चार अधिकारियों समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश को वापस ले ले।
जिला चुनाव अधिकारियों को मिला था निर्देश
चुनाव आयोग ने अलग-अलग जिला चुनाव अधिकारियों को अलग-अलग राज्य के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। लेकिन चुनाव आयोग के आदेश का अभी तक पालन नहीं हुआ है।
दो बार भेजी गई याद दिलाने की चिट्ठी
चुनाव आयोग ने अपने आदेश के पालन के लिए जिला चुनाव अधिकारियों को दो बार याद भी दिलाया है, इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
नियम के विरुद्ध नाम जोड़ने का मामला
सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग ने नियम के विरुद्ध वोटरों का नाम जोड़ने के मामले में पूर्व मेदिनीपुर जिले और दक्षिण चौबीस परगना जिले को लेकर सख्ती दिखाई है।
ईआरओ और एईआरओ के खिलाफ एफआईआर का आदेश
इन दोनों जिलों में दो-दो ईआरओ और एईआरओ के अलावा एक कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश जिला चुनाव अधिकारियों को दिया गया था। हालांकि अब तक इस आदेश पर अमल नहीं हो सका है।
चुनाव आयोग ने क्यों दिखाई सख्ती
सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग जिन पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना चाहता है, उन पर नियम विरुद्ध कार्य करने और आयोग के आदेश की उपेक्षा करने का आरोप है।
राज्य सरकार की दलील
राज्य सरकार का तर्क है कि चुनाव आयोग जिन चार अधिकारियों और एक कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना चाहता है, उनसे कथित तौर पर हुई छोटी गलती के लिए इतनी बड़ी सजा देना उचित नहीं है।
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