Jaishankar : एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि अमेरिका के साथ संबंध और भी जटिल हो गए हैं. आप सब जानते हैं कि क्यों चीन को संभालना मुश्किल हो गया है?
Jaishankar : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि अमेरिका के साथ संबंध और भी जटिल हो गए हैं. आप सब जानते हैं कि क्यों चीन को संभालना मुश्किल हो गया है? वे पुणे में सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के 22वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे.
एस जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन युद्ध और रूस से दूरी बनाने के दबाव के कारण रूस को आश्वस्त करना भी मुश्किल हो गया है. यूरोप एक बहुत महत्वपूर्ण साझेदार है. जिसके साथ हमें और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है.
आगे उन्होंने कहा कि जब बात हमारे पड़ोसियों की आती है तो वे हमसे छोटे हैं, लेकिन वहां भी राजनीति होती है. हालात बदलते रहते हैं. कभी वे हमारी प्रशंसा करते हैं, कभी हमारी आलोचना करते हैं, क्योंकि हम वास्तव में उनकी राजनीति में भी एक मुद्दा हैं.
'खाड़ी देशों का इतिहास भारत के इतिहास से बहुत गहराई से जुड़ा हुआ है'
एस जयशंकर ने कहा कि पिछले हफ्ते श्रीलंका में एक बड़ा चक्रवात आया था तो उसी दिन हम मदद के लिए वहां पहुंच गए. कोविड को देखिए, हमारे पड़ोसियों से पूछिए, आपकी वैक्सीन कहां से आई? यह भारत से आई, जब यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ और सभी देशों में पेट्रोल, गेहूं और उर्वरक की आपूर्ति ठप हो गई, तब भी यह भारत से ही आई.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि इस सप्ताह मैं खाड़ी देशों में था. खाड़ी देशों का इतिहास भारत के इतिहास से बहुत गहराई से जुड़ा हुआ है, जब प्रधानमंत्री वहां गए थे. आगे उन्होंने जोड़ा कि मैं ओमान की बात कर रहा हूं. ओमान एक बड़ा व्यापारिक साम्राज्य हुआ करता था. वहां से लोग तटरेखा के साथ-साथ महाराष्ट्र और गुजरात की तटरेखाओं तक यात्रा करते थे. वे प्रतिदिन नाव से आते-जाते थे. विभाजन के कारण, किसी तरह कोई बीच में आ गया. आप जानते हैं कि कौन आया? फिर वे हमसे दूर हो गए.
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