पूर्व भारतीय राजनयिक बीना सीकरी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की एक टिप्पणी पर बांग्लादेश में कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बधे को तलब किए जाने को पूरी तरह गैर जरूरी बताया।
नई दिल्ली। पूर्व भारतीय राजनयिक बीना सीकरी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की एक टिप्पणी पर बांग्लादेश में कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बधे को तलब किए जाने को पूरी तरह गैर जरूरी बताया। सीकरी ने कहा कि बधे को तलब करने की बजाए दोनों देशों को अवैध प्रवासियों के मामले पर उचित ढांचागत वार्ता करनी चाहिए।
भारत-बांग्लादेश के बीच लंबे समय से है यह जटील समस्या
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में सीकरी ने कहा कि यह कार्रवाई टाली भी जा सकती थी क्योंकि भारत और बांग्लादेश के बीच प्रवासियों की संवेदनशील और जटील समस्या लंबे समय से चली आ रही है। उन्होंने कहा-'मैं सोचता हूं यह बिल्कुल गैरजरूरी, पूरी तरह गैरजरूरी कदम था क्योंकि बांग्लादेश से भारत में अवैध प्रवासियों के आने की समस्या वास्तविक है।'
असम सीएम के बयान के बाद बढ़ा कूटनीतिक तनाव
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य से 20 से अधिक विदेशी नागरिकों (अवैध घुसपैठियों) को वापस बांग्लादेश भेजे जाने की जानकारी दी थी। इस बयान पर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने आपत्ति जताते हुए भारतीय उच्चायोग के अधिकारी को देर शाम तलब किया था और औपचारिक विरोध दर्ज कराया था।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/world/14-irgc-members-killed-during-bomb-disposal-operation/181939
ईरान में युद्ध का मलबा साफ करते समय विस्फोट, 14 मरे