एचपीसीएल ने बताया कि दोनों कंपनियों ने गाड़ियों से निकलने वाले प्रयुक्त ऑटोमोटिव लुब्रिकेंट्स (Used Engine Oil) के सुरक्षित संग्रहण और रीसाइक्लिंग के लिए एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए ।
नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की "हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड" (HPCL) ने टाटा मोटर्स (Tata Motors) लिमिटेड के साथ मिलकर इस्तेमाल हो चुके वाहन लुब्रिकेंट (इंजन आयल) के रीसाइक्लिंग और प्रबंधन के क्षेत्र में एक पायलट परियोजना शुरू की है।
भारत में 'सर्कुलर इकोनॉमी' बढ़ेगी
एचपीसीएल ने बताया कि दोनों कंपनियों ने गाड़ियों से निकलने वाले प्रयुक्त ऑटोमोटिव लुब्रिकेंट्स (Used Engine Oil) के सुरक्षित संग्रहण और रीसाइक्लिंग के लिए एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स के साथ यह साझेदारी भारत में 'सर्कुलर इकोनॉमी' को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस्तेमाल किए गए खतरनाक इंजन ऑयल (लुब्रिकेंट) को इकट्ठा कर रिसाइकल किया जाएगा, जिससे पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके।
लाखों लीटर निकलता है इंजन आयल
हर साल लाखों लीटर पुराना इंजन ऑयल गाड़ियों की सर्विसिंग के दौरान निकलता है। गलत तरीके से इसका निपटान होने पर यह मिट्टी, पानी और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। यही वजह है कि अब भारत में Extended Producer Responsibility (EPR) नियमों के तहत कंपनियों पर इस्तेमाल किए गए तेल के जिम्मेदार प्रबंधन का दबाव बढ़ रहा है।
शुरू होगा ग्रीन रिवोल्यूशन
इसी चुनौती को अवसर में बदलने के लिए Tata Motors और HPCL ने यह ग्रीन मिशन शुरू किया है। इस परियोजना के तहत पुराने इंजन ऑयल को इकट्ठा करके आधुनिक री-रिफाइनिंग तकनीक से दोबारा उच्च गुणवत्ता वाले बेस ऑयल में बदला जाएगा। बाद में इसी बेस ऑयल से नए लुब्रिकेंट्स तैयार किए जाएंगे।
चुनिंदा राज्यों में शुरू होगा प्रोजेक्ट
एचपीसीएल (HPCL) अधिकृत संग्रह माध्यमों से पुराने तेल को इकट्ठा कर पंजीकृत रिसाइकलिंग इकाइयों तक पहुंचाएगा। दूसरी तरफ टाटा मोटर्स कंपनी अपने व्यापक नेटवर्क और अधिकृत सेवा केंद्रों का उपयोग करके इस अपशिष्ट को एकत्र करने में सहायता करेगी। यह प्रोजेक्ट अभी चुनिंदा राज्यों में लागू किया गया है और इसकी निगरानी दोनों कंपनियों की एक संयुक्त समिति द्वारा की जा रही है।
पहले चरण में योग्य प्रणाली विकसित होगी
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एचपीसीएल ने बयान में कहा कि इस पहल का उद्देश्य इस्तेमाल किए गए लुब्रिकेंट के संग्रह, भंडारण से लेकर पुनर्चक्रण तक एक संगठित और पूरी तरह निगरानी योग्य प्रणाली विकसित करना है। इन अपशिष्ट लुब्रिकेंट को खतरनाक कचरे की श्रेणी में रखा जाता है।
ऑटो और ऊर्जा सेक्टर का बड़ा हिस्सा बनेगा
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में Used Oil Recycling भारत के ऑटो और ऊर्जा सेक्टर का बड़ा हिस्सा बन सकता है। Tata Motors और HPCL की यह साझेदारी दूसरे ऑटोमोबाइल और ऑयल ब्रांड्स के लिए भी एक नया मॉडल तैयार करेगी। भारत तेजी से “नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन” लक्ष्य की तरफ बढ़ रहा है और ऐसे ग्रीन इनिशिएटिव इस मिशन को गति देने में अहम भूमिका निभाएंगे। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि Tata Motors और HPCL की यह साझेदारी भारतीय ऑटो इंडस्ट्री में एक नए ग्रीन युग की शुरुआत कर सकती है।
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