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टीईटी की अनिवार्यता से देश भर के शिक्षकों को...

टीईटी की अनिवार्यता से देश भर के शिक्षकों को मिल सकती है राहत

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से देश भर के शिक्षकों को राहत मिल सकती है।

टीईटी की अनिवार्यता से देश भर के शिक्षकों को मिल सकती है राहत

फाइल फोटो |

नई दिल्ली। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से देश भर के शिक्षकों को राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार ने इस आदेश की समीक्षा करने की मंशा जाहिर करते हुए सभी राज्यों से अनिवार्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) मामले में पहली से आठवीं कक्षा के वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के सेवाकाल और इससे प्रभावित होने वाले शिक्षकों की रिपोर्ट मांगी है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले में टीईटी की योग्यता हुआ था अनिवार्य

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सितंबर 2025 में दिये गये एक फैसले में देश के सभी शिक्षकों के लिए टीईटी की योग्यता को अनिवार्य कर दिया गया था। सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद देश के करीब 12 लाख शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। इस आदेश से यूपी के करीब 1.86 लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ देश भर के शिक्षक आंदोलन कर रहे हैंं। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को दिल्ली में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर मामले में राहत देने की मांग की थी।

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से अनिवार्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) मामले में पहली से आठवीं कक्षा के वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों की रिपोर्ट मांगी है। राज्यों को 16 जनवरी तक विस्तार रिपोर्ट देनी होगी। केंद्र ने 31 दिसंबर को ही सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिख दिया था।

शिक्षा मंत्रालय ने मांगी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रभावित शिक्षकों की रिपोर्ट

शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों से पूछा है कि सुप्रीम कोर्ट के एक सितंबर 2025 के फैसले के बाद उनके कितने शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही यह ब्योरा मांगा गया है कि कितने शिक्षकों को एनसीटीई के वर्ष 2011 की अधिसूचना से पहले नियुक्ति मिली ? कितने शिक्षकों को वर्ष 2011 के बाद नियुक्त किया गया वर्ष 2011 से पहले सीटेट, टीईटी पास शिक्षकों की संख्या, टीईटी या सीटेट पास कुल शिक्षक और कितने शिक्षक टीईटी से बाहर होते हैं?

यूपी के करीब 1.86 लाख शिक्षक हो रहे प्रभावित

साथ ही पहली से पांचवीं और छठीं से आठवीं कक्षा तक शिक्षकों, उनकी शैक्षिक योग्यता, ट्रेनिंग, 21 से 25 आयु वर्ग, 26 से 30 आयु, 31 से 35 आयु, 36 से 40 आयु, 41 से 45 आयु, 46 से 50 आयु, 51 से 55 आयु, 56 से 60 आयु और 60 साल से अधिक वर्ग के शिक्षकों की जानकारी मांगी है। यूपी के अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय सह संयोजक अनिल यादव ने कहा, इससे यूपी के करीब 1.86 लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।

ABRSM के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से की राहत देने की मांग

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) के प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को दिल्ली में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर मामले में राहत देने की मांग की थी। एबीआरएसएम के अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता, महासचिव प्रो. गीता भट्ट ने कहा कि एनसीटीई की अधिसूचना में स्पष्ट है कि एक से 8वीं तक के शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यताएं अधिसूचना की तिथि से प्रभावी होंगी। इससे पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट रहेगी

लगभग दो लाख शिक्षकों की जगी उम्मीद

केंद्र सरकार द्वारा एक सितंबर 2025 के टीईटी मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से प्रभावित शिक्षकों के बारे में राज्य सरकारों से जानकारी मांगे जाने से प्रदेश के इससे प्रभावित हो रहे लगभग दो लाख शिक्षकों की उम्मीद जग गई है। वहीं शिक्षक संगठनों ने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार पर जल्द निर्णय का दबाव बनाया जाएगा। 

शिक्षकों की एकजुटता लाई रंग: टीएफआई 

टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि विभिन्न प्रदेशों के शिक्षकों की एकजुटता रंग लाई है। संगठनों ने शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान से मिलकर प्रभावित शिक्षकों को राहत देने की मांग की थी। शिक्षा मंत्री की ओर से सभी राज्यों से इससे प्रभावित शिक्षकों के बारे में जानकारी मांगी गई है। ऐसे में राहत की उम्मीद है। वहीं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (तिवारी गुट) के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी क महामंत्री उमाशंकर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के इस कदम से प्रभावित शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

ऑल इंडिया प्राइमरी टीचर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा हाल में जारी आदेश से शिक्षकों में उम्मीद जगी है।

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