फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी मेटा ने अपने सभी ऐप्स पर किशोरों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) फीचर्स के इस्तेमाल को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित करने का फैसला किया है।
किशोरों के लिए बन रहा अपडेटेड एआई वर्जन
फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी मेटा ने अपने सभी ऐप्स पर किशोरों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) फीचर्स के इस्तेमाल को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित करने का फैसला किया है। कंपनी किशोरों के लिए एआई का एक अपडेटेड वर्जन तैयार कर रही है, जिसे जल्द पेश किया जाएगा। मेटा के अनुसार, किशोरों के लिए तैयार किए जा रहे नए एआई फीचर्स में पैरेंटल कंट्रोल की सुविधा भी शामिल होगी। नए संस्करण के आने तक मौजूदा एआई कैरेक्टर्स पर रोक रहेगी।
एआई कैरेक्टर्स पर अस्थायी रोक
मेटा ने शुक्रवार को एलान किया कि वह इंस्टाग्राम, फेसबुक और मैसेंजर समेत अपने सभी ऐप्स पर किशोरों के लिए ‘एआई कैरेक्टर्स’ के इस्तेमाल को अस्थायी रूप से बंद कर रहा है। कंपनी ने बताया कि दुनिया भर में किशोर यूजर्स के लिए मौजूदा एआई पात्रों की पहुंच निलंबित की जाएगी।
मानक मेटा एआई असिस्टेंट की रहेगी अनुमति
मेटा ने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध अस्थायी है। किशोर अब कस्टम-बिल्ट एआई कैरेक्टर्स का उपयोग नहीं कर पाएंगे, हालांकि वे मानक ‘मेटा एआई असिस्टेंट’ का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसमें उम्र के हिसाब से कड़े सुरक्षा उपाय लागू होंगे। यह नियम उन यूजर्स पर भी लागू होगा जो खुद को वयस्क बताते हैं, लेकिन मेटा की एज प्रिडिक्शन टेक्नोलॉजी उन्हें किशोर मानती है।
पैरेंटल कंट्रोल की झलक
कंपनी ने पैरेंटल कंट्रोल का पूर्वावलोकन भी पेश किया है, जिसके तहत माता-पिता अपने किशोर बच्चों की एआई पात्रों के साथ निजी चैट को अक्षम कर सकेंगे। यह कदम फ्लर्टी चैटबॉट्स के व्यवहार को लेकर हुई आलोचना के बाद उठाया गया है।
पीजी-13 रेटिंग के आधार पर एआई अनुभव
मेटा ने कहा कि किशोरों के लिए एआई अनुभव पीजी-13 मूवी रेटिंग सिस्टम के अनुरूप होंगे, ताकि नाबालिगों को अनुचित सामग्री से बचाया जा सके। इसी बीच, चैटबॉट्स के संभावित नकारात्मक प्रभावों को लेकर अमेरिकी नियामकों ने एआई कंपनियों की जांच तेज कर दी है।
कानूनी मामलों का भी असर
मेटा का यह कदम टिकटॉक और यूट्यूब के खिलाफ लॉस एंजिल्स में चल रहे मुकदमे की पृष्ठभूमि में सामने आया है। इन कंपनियों पर आरोप है कि उनके ऐप्स बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा ने न्यू मैक्सिको के एक जज से अपील की है कि मुकदमे के दौरान कुछ रिसर्च और मार्क जुकरबर्ग के हार्वर्ड दिनों से जुड़े संदर्भों को बाहर रखा जाए।
अन्य कंपनियों ने भी उठाए कदम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिर्फ मेटा ही नहीं बल्कि अन्य एआई कंपनियों ने भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर कदम उठाए हैं। ओपनएआई ने बच्चों को संवेदनशील कंटेंट से बचाने के लिए एज प्रिडिक्शन टेक्नोलॉजी लागू की है। वहीं, कैरेक्टर.एआई ने 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए अपने चैटबॉट पर प्रतिबंध लगा दिया है।
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