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वित्त मंत्री ने कहा - अर्थव्यवस्था मजबूत स्तर पर..

वित्त मंत्री ने कहा - रुपये का गिरना चिंता का सबब नहीं, अर्थव्यवस्था मजबूत स्तर पर..

Finance Minister Nirmala Sitharaman : आयकर और गुड्स एवं सर्विस टैक्स (जीएसटी) सुधार के बाद केन्द्र सरकार अब सीमा शुल्क (Custom Duty) के सरलीकरण पर गंभीरता से विचार कर रही है।

वित्त मंत्री ने कहा - रुपये का गिरना चिंता का सबब नहीं अर्थव्यवस्था मजबूत स्तर पर

वित्त मंत्री ने कहा - रुपये का गिरना चिंता का सबब नहीं, अर्थव्यवस्था मजबूत स्तर पर.. |

Finance Minister Nirmala Sitharaman : आयकर और गुड्स एवं सर्विस टैक्स (जीएसटी) सुधार के बाद केन्द्र सरकार अब सीमा शुल्क (Custom Duty) के सरलीकरण पर गंभीरता से विचार कर रही है। इसका लक्ष्य  टैरिफ दरों को तर्कसंगत बनाना, नियमों को आसान बनाना, और  प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना  है ताकि व्यापार-व्यवसाय सुगम हो और देश के राजस्व में वृद्धि के साथ घरेलू उद्योगों को बढ़ावा मिले। इसका एलान आने वाले बजट 2026 में होने की उम्मीद है।

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट से पहले कहा कि सीमा शुल्क को सरल बनाना इस समय सरकार का अगला बड़ा सुधार एजेंडा है। चालू वित्त वर्ष में सरकार ने आयकर और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में दरों को तर्कसंगत बनाने तथा सरलीकरण जैसे सुधार किए हैं। इससे आम आदमी के हाथ में अधिक नकदी आई और उपभोग बढ़ा। सीतारमण ने कहा, 'हमें सीमा शुल्क का पूरी तरह कायापलट करना है। हमें इसे इतना सरल बनाना है कि लोगों को पालन करना बोझिल न लगेज पारदर्शिता बढ़ानी होगी।'

उन्होंने कहा कि आयकर में जैसी पारदर्शिता लाई गई है, वैसा ही सीमा शुल्क में भी करने की जरूरत है। प्रस्तावित सुधार व्यापक होंगे और इसमें सीमा शुल्क दरों को तर्कसंगत बनाना भी शामिल होगा। इसकी घोषणा आगामी बजट में हो सकती है। बजट एक फरवरी को पेश होने की संभावना है। 

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, पिछले दो साल में हमने सीमा शुल्क दरें लगातार कम की है। लेकिन जिन कुछ वस्तुओं पर हमारी दरें इष्टतम स्तर से ऊपर मानी जाती है, उन्हें भी नीचे लाना होगा। सीमा शुल्क मेरा अगला बड़ा सफाई अभियान है।' इस साल के बजट में अन्य उपायों के साथ औद्योगिक वस्तुओं पर सात अतिरिक्त सीमा शुल्क दरें खत्म करने का प्रस्ताव किया गया था। इससे पिछले साल (23 जुलाई 2024 के बजट भाषण में) भी सात दरें हटाई गई थीं।

चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि सात प्रतिशत या उससे अधिक रहेगी

याद रहे कि इस साल के बजट में अन्य उपायों के साथ औद्योगिक वस्तुओं पर सात अतिरिक्त सीमा शुल्क दरें खत्म करने का प्रस्ताव किया गया था। इससे पिछले साल (23 जुलाई 2024 के बजट भाषण में) भी 7 दरें हटाई गई थीं। अब कुल 8 दर स्लैब रह गए हैं, जिनमें जीरो टैक्‍स रेट भी शामिल है। वित्त मंत्री ने भरोसा जताया कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि सात प्रतिशत या उससे अधिक रहेगी। 

डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि रुपया की गिरावट को लेकर चिंता की जरूरत नहीं है। रुपया खुद ही अपनी राह बना लेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि ये अपने सहज स्तर पर पहुंच जाएगा। मालूम हो कि पिछले दिनों रुपया, रिकॉर्ड निचले स्‍तर पर पहुंच गया था। वर्ष 2025 में रुपया अब तक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 5% कमजोर हुआ है। सीतारमण ने कहा, 'रुपये को लेकर जो चर्चा हो रही है, उन्‍हें मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए समझना चाहिए।' उनका कहना है कि जब इकोनॉमी मजबूत हो और जीडीपी ग्रोथ रेट तेज हो तो डॉलर-रुपये की वैल्‍यू का एनालिसिस भी उसी संदर्भ में होना चाहिए।

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