दुबई। स्पेन की सरकार भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की योजना पर काम कर रही है।
दुबई शिखर सम्मेलन में बड़ा बयान
स्पेन की सरकार भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की योजना पर काम कर रही है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने मंगलवार (स्थानीय समय) को कहा कि यह कदम बच्चों को ऑनलाइन कंटेंट के नुकसान से बचाने के लिए उठाया जा रहा है। सांचेज ने दुबई शिखर सम्मेलन में एक भाषण के दौरान दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कई प्लेटफॉर्म बाल यौन शोषण और बिना सहमति के डीपफेक इमेज जैसे अवैध कंटेंट को फैलने दे रहे हैं।
सरकारों को आंखें मूंदना बंद करना होगा
प्रधानमंत्री सांचेज ने कहा कि सरकारों को भी इस गंभीर मुद्दे पर आंखें मूंदना बंद करना होगा। उन्होंने कहा, “आज हमारे बच्चे एक ऐसी जगह के संपर्क में हैं, जहां उन्हें कभी अकेले नहीं होना चाहिए। हम अब इसे स्वीकार नहीं करेंगे।”
उम्र सत्यापन प्रणाली अनिवार्य करने की मांग
सांचेज ने साफ तौर पर कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों को स्पेन में यूजर्स के लिए प्रभावी उम्र वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करना होगा। उन्होंने कहा, “सिर्फ एक चेक बॉक्स नहीं, बल्कि ऐसी असली रुकावटें होनी चाहिए जो वास्तव में काम करें।”
संसद में मंजूरी को लेकर असमंजस
हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि सांचेज के वामपंथी गठबंधन को संसद में इसके लिए जरूरी मंजूरी मिल पाएगी या नहीं, क्योंकि उनकी सरकार के पास बहुमत नहीं है। स्पेन की विपक्षी पार्टियों ने भी इस प्रस्तावित प्रतिबंध को समर्थन देने के संकेत दिए हैं, जिससे इस कानून के पारित होने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
टेक कंपनियों की चुप्पी, एलन मस्क का हमला
सोशल मीडिया कंपनियों ‘मेटा’ और ‘एक्स’ ने सांचेज के बयान पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि ‘एक्स’ के मालिक एलन मस्क ने सांचेज की आलोचना करते हुए उन्हें फासीवादी तानाशाह करार दिया। उल्लेखनीय है कि स्पेन से पहले ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा चुके हैं।
फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण
जनवरी में फ्रांस ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने वाले एक बिल को मंजूरी दी थी। यह कानून अगले स्कूल वर्ष की शुरुआत से लागू होगा। इस बिल के तहत हाई स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई जाएगी।
अन्य देशों में भी तैयारी
ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन पहले ही लागू है और ऐसा करने वाला वह पहला देश बना। वहीं डेनमार्क ने भी 15 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए सोशल मीडिया तक पहुंच सीमित करने का कानून पेश किया है। ब्रिटेन ने भी पिछले महीने संकेत दिए थे कि वह किशोरों को सोशल मीडिया से बैन करने पर विचार कर रहा है।
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