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टीएमसी दलित सांसद को एसआईआर नोटिस

टीएमसी के दलित सांसद को एसआईआर के तहत सुनवाई की नोटिस

पश्चिम बंगाल के दक्षिण चौबीस परगना जिले के तहत मथुपापुर लोकसभा क्षेत्र के टीएमसी सांसद बापि हालदार को एसआईआर के तहत सुनवाई के लिए नोटिस दी गई है।

टीएमसी के दलित सांसद को एसआईआर के तहत सुनवाई की नोटिस

West Bengal Politics |

चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप

सांसद बापि हालदार ने चुनाव आयोग पर हलकान करने के मकसद से सुनवाई की नोटिस देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वह दलित सांसद हैं, इसलिए चुनाव आयोग ने उनके प्रति उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाया है।

दलित और मुस्लिम प्रतिनिधियों को निशाना बनाने का दावा

बापि हालदार का आरोप है कि चुनाव आयोग चुन-चुनकर दलित और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों को सुनवाई के नाम पर निशाना बना रहा है। 

पहली बार सांसद बने हैं बापि हालदार

मतुआ समेत दलित समुदाय के प्रमुख नेता बापि हालदार पहली बार सांसद बने हैं। उन्होंने कहा कि उनके बारे में जानकारी प्राप्त करना कोई मुश्किल काम नहीं है।

लोकसभा वेबसाइट पर उपलब्ध है पूरी जानकारी

सांसद का कहना है कि लोकसभा की वेबसाइट पर एक क्लिक करने से ही उनकी पूरी और प्रमाणिक जानकारी आसानी से मिल सकती है।

2002 की वोटर लिस्ट को लेकर सवाल

उन्होंने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि 2002 की वोटर लिस्ट में पिता के नाम के साथ उनके नाम के मेल न खाने के कारण सुनवाई के लिए नोटिस दी गई है। 

मुख्यमंत्री के सवालों को दोहराया

इस मुद्दे पर बापि हालदार ने वही सवाल उठाए हैं, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से भी उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसकी क्या गारंटी है कि 2002 की वोटर लिस्ट में वोटरों के नाम पूरी तरह सही दर्ज थे। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में सुनवाई को लेकर आम लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

दलित और मुस्लिम इलाकों में ज्यादा नोटिस

सांसद का आरोप है कि दलित और मुस्लिम बहुल इलाकों में इन समुदायों के वोटरों को अधिक संख्या में सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है। 

गरीबी और अशिक्षा का दुष्चक्र

उन्होंने कहा कि इन समुदायों के लोग आम तौर पर ज्यादा गरीब और अशिक्षित होते हैं और समाज में उनके प्रति हेय दृष्टि भी रहती है।

नाम-पते में लापरवाही का खामियाजा

बापि हालदार का कहना है कि इसी कारण कई बार नाम और पते दर्ज करने में लापरवाही बरती जाती है, लेकिन इसकी सजा आम लोगों को भुगतनी पड़ती है। लापरवाही करने वालों पर कभी उंगली नहीं उठाई जाती।

बीएलओ पर बढ़ता दबाव

उन्होंने बताया कि एसआईआर के तहत अत्यधिक काम के बोझ के कारण उनके ही इलाके के एक बीएलओ महबूब रहमान मोल्ला को ब्रेन स्ट्रोक हो गया है और वह फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं।

अब बीएलओ को भी नोटिस

सांसद के अनुसार, अब बीएलओ को भी सुनवाई की नोटिस दी जा रही है, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है।

गंभीर समस्या बनती जा रही सुनवाई प्रक्रिया

बापि हालदार ने कहा कि सुनवाई की प्रक्रिया अब अपने आप में एक गंभीर समस्या बन चुकी है। 

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