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ऑनलाइन पेमेंट में टू-वे सुरक्षा लागू

ऑनलाइन पेमेंट में 'टू-वे ऑथेंटिकेशन' लागू, धोखाधड़ी पर लगेगी रोक

नई दिल्ली। देश में डिजिटल और यूपीआई भुगतान को और सुरक्षित बनाने के लिए “टू-वे ऑथेंटिकेशन” की व्यवस्था बुधवार से लागू हो गई है।

ऑनलाइन पेमेंट में टू-वे ऑथेंटिकेशन लागू धोखाधड़ी पर लगेगी रोक

Online Fraud Prevention |

नई दिल्ली। देश में डिजिटल और यूपीआई भुगतान को और सुरक्षित बनाने के लिए “टू-वे ऑथेंटिकेशन” की व्यवस्था बुधवार से लागू हो गई है। National Payments Corporation of India (एनपीसीआई) ने ऑनलाइन भुगतान में धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए यह सिस्टम अनिवार्य किया है।

दो-स्तरीय सत्यापन अनिवार्य

एनपीसीआई ने यूपीआई समेत सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से होने वाले लेनदेन के लिए दो स्तरीय प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया है। अब केवल यूपीआई पिन डालने से ही भुगतान पूरा नहीं होगा, बल्कि ओटीपी, अंगुली के निशान या चेहरे का सत्यापन (फेस रिकग्निशन) जैसे कदम भी जरूरी होंगे। इससे यूपीआई पिन लीक होने की स्थिति में भी अनधिकृत भुगतान को रोका जा सकेगा।

आरबीआई का निर्देश

Reserve Bank of India (आरबीआई) ने कहा है कि सभी डिजिटल भुगतान लेनदेन में दो-स्तरीय सत्यापन करना अनिवार्य है। हालांकि इसके लिए किसी विशेष तरीके को अनिवार्य नहीं किया गया है, लेकिन अधिकांश मामलों में एसएमएस के जरिए आने वाले वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) का अतिरिक्त सुरक्षा के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

भुगतान में कुछ सेकेंड की देरी संभव

जानकारों का कहना है कि अतिरिक्त सत्यापन व्यवस्था लागू होने से डिजिटल लेनदेन में कुछ सेकेंड की देरी हो सकती है, क्योंकि उपयोगकर्ता को अतिरिक्त ओटीपी या अन्य सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। हालांकि, इससे भुगतान प्रणाली में सुरक्षा और भरोसा बढ़ने की उम्मीद है।

मार्च में यूपीआई ट्रांजेक्शन ने बनाया रिकॉर्ड

National Payments Corporation of India से मिली जानकारी के अनुसार मार्च में यूपीआई से 29.53 लाख करोड़ रुपये मूल्य के डिजिटल भुगतान हुए। यूपीआई के जरिए होने वाले भुगतान मार्च में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। एनपीसीआई द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान 29.53 लाख करोड़ रुपये मूल्य के ट्रांजेक्शन हुए, जबकि इस तरह के भुगतान की संख्या 22.64 अरब हो गई। पिछले साल की समान अवधि में 24.77 लाख करोड़ रुपये मूल्य के ट्रांजेक्शन हुए थे। इस तरह सालाना आधार पर इसमें 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। फरवरी में यूपीआई ट्रांजेक्शन का मूल्य 26.84 लाख करोड़ रुपये था। मार्च में प्रतिदिन औसत ट्रांजेक्शन 73 करोड़ रहा।

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