वैश्विक स्तर पर भारत के टैलेंट की मांग को देखते हुए केन्द्रीय बजट 2026 में इस बार शिक्षा के क्षेत्र में विशेष फोकस मिलने की उम्मीद है।
नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर भारत के टैलेंट की मांग को देखते हुए केन्द्रीय बजट 2026 में इस बार शिक्षा के क्षेत्र में विशेष फोकस मिलने की उम्मीद है। देश में शिक्षा का स्तर बढ़ाने को लेकर बजट में अच्छी खासी बढ़ोतरी की घोषणा की उम्मीद है। ऐसा होता है तो देश में IIT-IIM जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों में सीटें बढ़ सकती हैं।
भारत को शिक्षा का ग्लोबल हब बनाने का लक्ष्य
मोदी सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भारत को शिक्षा का ग्लोबल हब बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा जगत के थिंकटैंक का मानना है कि दुनिया के कई विकसित देश अपनी जीडीपी का 6 से 10 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च करते हैं। भारत में यह नंबर अभी भी 4 से 5 प्रतिशत के बीच ही है। ऐसे में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए इस सेक्टर में खर्च के अंतरण को देखते हुए बजट में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार हो रहे बदलाव के बीच 2026 का साल देश में शिक्षा के मोर्चे पर अहम होगा।
शिक्षा को रोजगार से जोड़ने के लिए इंडस्ट्री का सहयोग
शिक्षाविद् एस. के. गुप्ता का कहना है कि मौजूदा सरकार का विजन एकदम साफ है कि शिक्षा को सीधे तौर पर रोजगार से जोड़ा जाए और इसके लिए इंडस्ट्री का सहयोग लेना ही होगा। विशेषज्ञ कहते हैं कि आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में सीटों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। इन संस्थानों में बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं। सीटें बढ़ रही हैं लेकिन अभी ये कदम नाकाफी हैं। बजट में शैक्षणिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अलग से फंड आवंटित किए जाने की मांग की जा रही है। कंपनियों के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड का एक हिस्सा शिक्षा के लिए जरूरी हो। बाजार की मांग को देखते हुए स्किल कोर्सेज तैयार करने, इंटर्नशिप के ज्यादा अवसर दिलाने व वोकेशनल ट्रेनिंग के लिए इंडस्ट्री का सहयोग जरूरी है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है भारत के टैलेंट की मांग
साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के प्रेजिडेंट प्रो. के.के अग्रवाल का कहना है कि वैश्विक स्तर पर भारत के टैलेंट की मांग बढ़ रही है। भारत और विदेशी संस्थानों के बीच टाईअप और मजबूत हो। भारत और विदेशी संस्थानों के छात्र रिसर्च की फील्ड में मिलकर काम करें, इसके लिए सिस्टम को बेहतर करना होगा।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/rain-lashes-delhi-ncr-pollution-drops/130785
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से बदला मौसम, प्रदूषण से मिली राहत