Unnao Rape Case : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिस आदेश के जरिए कुलदीप सिंह सेंगर के उम्र कैद की सजा को सस्पेंड कर दिया गया था.
Unnao Rape Case : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिस आदेश के जरिए कुलदीप सिंह सेंगर के उम्र कैद की सजा को सस्पेंड कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम इस तथ्य से अवगत हैं कि जब किसी ट्रायल कोर्ट या हाईकोर्ट ने किसी दोषी या विचाराधीन अभियुक्त को ज़मानत पर रिहा किया हो तो आम तौर पर उस व्यक्ति को सुने बिना ऐसे आदेश पर रोक नहीं लगानी चाहिए, लेकिन इस मामले में हालात अलग हैं.
शीर्ष अदालत ने कहा कि क्योंकि प्रतिवादी अभियुक्त को आईपीसी की धारा 304-II के तहत भी सजा सुनाई गई है, जो महिला के पिता की गै़र-इरादतन हत्या से जुड़ा मामला है और इस केस में वह हिरासत में है. मामले की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए हम उस आदेश पर रोक लगाते हैं. यानी अभियुक्त को उस आदेश के आधार पर रिहा नहीं किया जाएगा.
आदेश के बाद पीड़ित के वकील का बयान
पीड़ित के वकील ने कहा कि जिस बच्ची के पिताजी को मार दिया गया, इसके परिवारवालों को मार दिया गया और इसको भी लगभग मार ही दिया था और वह अब ये दर-दर की ठोकरें खा रही है और वह बंदी बनकर CRPF के कब्जे में है. वह ठीक से बात भी नहीं कर सकती है. इस जैसी बहुत बच्चियां हैं तो इससे क्या मैं संतुष्ट हो सकता हूं? परिवारवालों को सुरक्षा मिले. हमारे समाज और सरकार इनका ख्याल करे. इनकी जिंदगी को फिर से तो बनाए. क्या जो देश और कोर्ट कर सकता है? इस बच्ची के लिए हम कर रहे हैं. यह मेरा सवाल है?
सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद : पीड़ित की मां
पीड़ित लड़की की मां ने कहा, हम बहुत खुश हैं. हम सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देना चाहते हैं. मेरी बेटी को न्याय मिलना चाहिए. मैं चाहती हूं कि आरोपी को मौत की सज़ा दी जाए.
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