उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां अभी पूरी नहीं हो पाई हैं।
जिलों में सूची तैयार न होने से नई तिथि घोषित
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां अभी पूरी नहीं हो पाई हैं। इसी कारण राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची का मसौदा जारी करने की अंतिम तिथि आगे बढ़ाने का फैसला किया है। अब यह मसौदा 23 दिसंबर को पेश किया जाएगा।
सूची बनाने में देरी, डुप्लीकेट नाम नहीं हटे
जिला स्तर पर मतदाता सूची को तैयार करने का काम अभी भी अधूरा है। कई जिलों में न तो नई सूची पूरी बनी है और न ही डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसी कारण आयोग ने मतदाता सूची जारी करने की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 से बदलकर 6 फरवरी 2026 कर दी है।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार नई तारीखें
राज्य निर्वाचन आयोग ने नया शेड्यूल जारी किया है:
- 23 दिसंबर 2025 – मसौदा सूची जारी
- 31 दिसंबर से 6 जनवरी – दावे और आपत्तियों का निस्तारण (पहले यह प्रक्रिया 13 से 19 दिसंबर के बीच होनी थी)
जिलों की लापरवाही से बढ़ा बोझ
बार-बार निर्देश देने के बावजूद कई जिलों में अधिकारी मतदाता सूची अपडेट करने में ढिलाई बरत रहे हैं। जिसके कारण:
- नए मतदाताओं के नाम जोड़ने का काम धीमा
- डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान नहीं
- पंचायत सूची के काम में बाधा
2.27 करोड़ डुप्लीकेट मतदाता अभी भी सूची में
अगस्त में ही आयोग ने जिलों को डुप्लीकेट मतदाताओं को हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन अभी स्थिति गंभीर है:
- कुल 90.76 लाख मतदाता ऐसे हैं जिनके नाम दो या तीन बार सूची में दर्ज हैं।
- इससे पूरे प्रदेश में 2.27 करोड़ डुप्लीकेट नाम बने हुए हैं।
- पंचायत चुनाव की प्रारंभिक सूची में कुल 12.43 करोड़ मतदाता शामिल हैं।
गणना प्रपत्रों का 99.57% वितरण पूरा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि गणना प्रपत्रों का 99.57% वितरण हो चुका है।
लेकिन विधानसभा और लोकसभा मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के चलते पंचायत सूची अपडेट का काम और अधिक धीमा हो गया है।
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