प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम

यूपी में संपत्ति विवरण न देने पर वेतन रोका

यूपी में चल-अचल संपत्ति का ब्योरा न देने वाले राज्य कर्मियों का वेतन रोका गया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का ब्योरा न देने वाले राज्य कर्मियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

यूपी में चल-अचल संपत्ति का ब्योरा न देने वाले राज्य कर्मियों का वेतन रोका गया

UP Government |

47,816 राज्यकर्मियों ने नहीं दिया ब्योरा

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति का ब्योरा न देने वाले राज्य कर्मियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। योगी सरकार ने राज्यकर्मियों के लिए 31 जनवरी तक अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर देना अनिवार्य कर दिया है। पर राज्य में 47,816 राज्यकर्मियों ने निर्धारित तिथि तक चल-अचल संपत्ति का ब्योरा पोर्टल पर नहीं दिया है। यूपी के मुख्य सचिव ने अब इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने निर्धारित तिथि तक ब्योरा दाखिल नहीं करने वाले राज्यकर्मियों का वेतन रोकने का आदेश दिया है। राज्य में 31 जनवरी तक कुल 47816 कर्मचारियों व अधिकारियों ने मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है। सीएस के आदेश में कहा है कि राज्य में संपत्ति का ब्योरा न देने वाले राज्य कर्मियों को जनवरी माह का वेतन मिला तो आहरण वितरण अधिकारी (डीडीओ) पर भी कार्रवाई होगी। इस संबंध में मुख्य सचिव ने कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। 

डीडीओ की जिम्मेदारी तय

मुख्य सचिव की ओर से जारी शासनादेश में कहा गया है कि राज्यकर्मियों के लिए 31 जनवरी तक अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर देना अनिवार्य किया गया था। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए थे कि जनवरी माह का देय वेतन फरवरी में उन्हीं कर्मचारियों को दिया जाए, जिन्होंने संपत्ति का ब्योरा दे दिया है। आदेश में कहा गया है कि अगर पोर्टल पर यह सूचना अपलोड न करने के बाद भी किसी कार्मिक को वेतन दिया गया है तो आहरण वितरण अधिकारी का उत्तरदायित्व तय करते हुए कार्रवाई की जाए। संबंधित सूचना सप्ताह भर के भीतर शासन को भी उपलब्ध कराई जाए।

उत्तर प्रदेश में कुल 865390 राज्य कर्मचारी व अधिकारी हैं। इनमें से 47,816 राज्यकर्मियों ने 31 जनवरी तक मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है। क्लास-1 के 2228, क्लास-2 के 5688 और क्लास-3 के 24665 कार्मिकों ने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है। 15235 कर्मचारी चतुर्थ श्रेणी के हैं। ऐसे कर्मचारियों को अब अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

यह भी पढ़े: सुप्रीम कोर्ट में आईपैक-ईडी सुनवाई टली

https://www.primenewsnetwork.in/india/supreme-court-defers-i-paced-hearing/131722


 

Related to this topic: