विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने गुरुवार को राम मंदिर चंदे में कथित गबन मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने और सर्वश्रेष्ठ और सबसे सक्षम पुलिस अधिकारियों की तैनाती की मांग की।
नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने गुरुवार को राम मंदिर चंदे में कथित गबन मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने और सर्वश्रेष्ठ और सबसे सक्षम पुलिस अधिकारियों की तैनाती की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को संरक्षण या पक्षपात नहीं दिया जाना चाहिए। कुमार ने एएनआई से कहा, "यह एक तार्किक कदम है। हमारे पास अभी तक एसआईटी की रिपोर्ट नहीं है, लेकिन सभी ने कहा है कि उन्होंने इसमें शामिल लोगों की पहचान कर ली है। यह सीसीटीवी फुटेज के आधार पर किया गया है। अब वह स्थिति आ गई है जहां पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी चाहिए।"
एसआईटी ने सौंपी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट
राम मंदिर चंदे में कथित गबन मामले की जांच कर रही तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को अपनी रिपोर्ट सौंपी। अधिकारियों के अनुसार, यह रिपोर्ट अब तक की गई जांच के निष्कर्षों पर आधारित प्रारंभिक रिपोर्ट है। एसआईटी सदस्य विजय विश्वास पंत ने कहा कि रिपोर्ट का विवरण गोपनीय रखा गया है। उन्होंने कहा, "हमने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को रिपोर्ट सौंप दी है। यह प्रारंभिक रिपोर्ट है और हमने इसे उन्हें सौंप दिया है। विवरण गोपनीय हैं, इसलिए हम फिलहाल कुछ भी खुलासा नहीं कर सकते। हमने अपने निष्कर्ष उन्हें उपलब्ध करा दिए हैं।"
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
अधिकारियों ने रिपोर्ट की समीक्षा का हवाला देते हुए आगे कोई जानकारी साझा नहीं की है। कुमार ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) चाहती है कि एफआईआर जल्द से जल्द दर्ज की जाए और जांच के लिए विशेषज्ञों को बुलाया जाए। उन्होंने आगे कहा, "इसमें शामिल सभी लोगों या आरोपियों की जांच होनी चाहिए। किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए, किसी का पक्ष नहीं लिया जाना चाहिए और किसी पर भी दबाव नहीं डाला जाना चाहिए।"
फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की वकालत
कुमार ने यह भी मांग की कि चार्जशीट को दैनिक सुनवाई के साथ फास्ट ट्रैक कोर्ट में दाखिल किया जाए। उन्होंने आगे कहा, "मेरी इच्छा है कि अगर हम इन सभी दोषियों को 4 महीने के भीतर अदालत से सजा दिलवाकर जेल भेज सकें, तो हिंदू समाज संतुष्ट हो जाएगा।" जब उनसे मीडिया रिपोर्टों के बारे में पूछा गया कि चंपत राय, आलोक निशाय और विनोद निशाय ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया है तो कुमार ने कहा कि उन्हें किसी इस्तीफे की जानकारी नहीं है।
मंदिर प्रबंधन में पेशेवर व्यवस्था की जरूरत
कथित "प्रणाली में खामियों" के बारे में कुमार ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण और दान केवल भरोसे पर नहीं चल सकता। इसके लिए एक पेशेवर प्रबंधन स्थापित करना आवश्यक है। एक अनुभवी व्यक्ति होना चाहिए, मानक संचालन प्रक्रियाएं होनी चाहिए और एक त्रुटिरहित प्रणाली होनी चाहिए ताकि एक पैसा भी गबन न हो सके। तभी हम उस मंदिर में जनता का विश्वास फिर से हासिल किया जा सकेगा। (Source: ANI)
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