चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद पश्चिम बंगाल में बुजुर्ग व बीमार वोटरों की सुनवाई घर पर हो सकती है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने प्रस्ताव भेजा है।
पश्चिम बंगाल में वोटरों की सुनवाई जल्द
चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद पश्चिम बंगाल में बुजुर्ग और बीमार वोटरों की सुनवाई उनके घर पर ही किए जाने की संभावना है। इस संबंध में राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने चुनाव आयोग के पास प्रस्ताव भेजा है। एसआईआर का पहला चरण समाप्त होने के बाद जिन वोटरों के कागजात को लेकर संदेह है, उनकी सुनवाई की प्रक्रिया चुनाव आयोग द्वारा शुरू की जा रही है।
बीएलओ के जरिए मिलेगी सुनवाई की सूचना
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, सुनवाई के लिए वोटरों को बीएलओ द्वारा नोटिस दी जाएगी। एक प्रति वोटर के पास रहेगी और उसकी कॉपी बीएलओ के पास होगी, जिस पर वोटर का हस्ताक्षर होगा।
एक सप्ताह का मिलेगा समय
सुनवाई के लिए वोटरों को लगभग एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। सुनवाई जिलाधिकारी, एसडीओ या बीडीओ के कार्यालय में होगी।
रोज होगी 100 वोटरों की सुनवाई
एक दिन में औसतन 100 वोटरों की सुनवाई की जाएगी। जिस कार्यालय में सुनवाई होगी, वहां वोटरों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
गैरहाजिर रहने पर दोबारा मौका
चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित समय पर वोटर उपस्थित नहीं हो पाने की स्थिति में सुनवाई के लिए दोबारा समय दिया जाएगा। सुनवाई के दौरान ईआरओ और एआरओ मौजूद रहेंगे।
डेढ़ करोड़ वोटरों की होगी सुनवाई
सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग करीब डेढ़ करोड़ वोटरों की सुनवाई करेगा। सुनवाई को लेकर वोटरों में अफरातफरी की स्थिति है, क्योंकि कई लोगों के सामने कागजात से जुड़ी समस्याएं हैं।
बीएलओ की गलतियों पर सख्त आयोग
सूत्रों का कहना है कि बीएलओ से हुई गलतियों को लेकर चुनाव आयोग गंभीर है। कुछ मामलों में जीवित वोटरों को मृत वोटरों की सूची में डाल दिया गया है, जिसको लेकर आयोग की आलोचना हो रही है।
जवाब नहीं मिलने पर होगी कार्रवाई
चुनाव आयोग उन बीएलओ से पूछताछ करेगा जिनसे गलतियां हुई हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में उनके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
दो जगह फॉर्म भरने पर नोटिस
वोटर द्वारा दो अलग-अलग जगहों से गणना फॉर्म भरने का मामला भी सामने आया है। चुनाव आयोग ने ऐसे वोटर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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