नई दिल्ली। जाइडस कंपनी की कैंसर की सस्ती दवा निवोलुमैब की बिक्री देश में जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने जाइडस के सस्ते संस्करण (बायोसिमिलर) की बिक्री पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया।
नई दिल्ली। जाइडस कंपनी की कैंसर की सस्ती दवा "निवोलुमैब" की बिक्री देश में जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने जाइडस के सस्ते संस्करण (बायोसिमिलर) की बिक्री पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया। यह मूल दवा "ब्रिस्टल मायर्स स्क्विब" कंपनी की है।
निवोलुमैब पर रोक से SC इनकार
जाइडस कंपनी द्वारा बेची जा रही कैंसर की सस्ती दवा "निवोलुमैब" पर रोक लगाने के लिए ब्रिटिश कंपनी "ब्रिस्टल मायर्स स्क्विब" ने सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दायर किया है। कंपनी ने इसे पेटेंट का उल्लंघन बताते हुए जाइडस को दवा बेचने से रोकने की शीर्ष अदालत से मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने जाइडस लाइफ साइंसेज को कैंसर की दवा निवोलुमैब के सस्ते संस्करण (बायोसिमिलर) की बिक्री पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया। "ब्रिस्टल मायर्स स्क्विब" कंपनी ने मांग की थी, जाइडस को दवा बेचने से रोका जाए, यह पेटेंट का उल्लंघन है।
सीजेआई जस्टिस सूर्य सूर्यकांत व जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा, पहले दवाओं की तुलना की जाए। जाइडस 24 घंटे में दवा का नमूना दे। रिपोर्ट के आधार पर कंपनी हाईकोर्ट में अंतरिम राहत मांग सकती है। मालूम हो कि जाइडस की दवा करीब 30 हजार रुपये प्रति शीशी है, जबकि मूल दवा करीब 1 लाख 8 हजार रुपये की है।
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