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राजनगर पैलेस: मिथिलांचल की ऐतिहासिक धरोहर

मिथिलांचल की ऐतिहासिक धरोहर और भव्य स्थापत्य कला का उदाहरणः राजनगर पैलेस

राजनगर पैलेस मिथिलांचल की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत और भव्य स्थापत्य कला का एक शानदार उदाहरण है, जो आज भी पर्यटकों को आकर्षित करता है।

मिथिलांचल की ऐतिहासिक धरोहर और भव्य स्थापत्य कला का उदाहरणः राजनगर पैलेस

Rajnagar Palace, Madhubani |

मधुबनी,(बिहार)। जिले में स्थित ऐतिहासिक राजनगर पैलेस (नौलखा पैलेस) आज भी मिथिलांचल के गौरवशाली इतिहास और बेजोड़ स्थापत्य कला की गवाही दे रहा है। महाराजा रामेश्वर सिंह द्वारा निर्मित यह महल अपनी अद्भुत नक्काशी और भव्यता के लिए देश-विदेश के पर्यटकों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।

दरभंगा राज की प्रशासनिक राजधानी बनाने के लिए हुआ था निर्माण

लगभग 1,500 एकड़ के विशाल परिसर में फैला यह ऐतिहासिक स्थल पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। इस महल का निर्माण दरभंगा राज के महाराजा रामेश्वर सिंह ने करवाया था। इसका निर्माण मुख्य रूप से 1884 से 1929 के बीच किया गया था, ताकि इसे दरभंगा राज की प्रशासनिक राजधानी बनाया जा सके।

9 लाख चांदी के सिक्के में बना था पैलेस

इसे बनाने में उस समय लगभग 9 लाख चांदी के सिक्के खर्च हुए थे, जिसके कारण इसका नाम 'नौलखा' पड़ा। इस पैलेस की बनावट में राजपूत, मुगल और प्राचीन भारतीय स्थापत्य कला का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलता है। पैलेस परिसर के भीतर देवी-देवताओं के 11 प्रसिद्ध मंदिर हैं। इनमें सफेद संगमरमर (मार्बल) से बना मां काली का मंदिर और प्रवेश द्वार पर स्थित प्रसिद्ध दुर्गा भवन प्रमुख हैं। पत्थरों और लकड़ियों पर की गई जटिल नक्काशी, हाथी व मोर की आकृतियां और भित्तिचित्र पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

अधिकांश हिस्सा अब खंडहर में तब्दील

साल 1934 में आए विनाशकारी बिहार-नेपाल भूकंप में इस भव्य महल को बहुत भारी नुकसान पहुंचा था। भूकंप के बाद इसका उचित जीर्णोद्धार नहीं हो सका, जिसके कारण आज इसका अधिकांश हिस्सा खंडहर में तब्दील हो चुका है। इस बदहाली के बावजूद, अपने ऐतिहासिक महत्व और अद्भुत बनावट के कारण यह आज भी पर्यटकों, फिल्म निर्देशकों (क्षेत्रीय सिनेमा की शूटिंग के लिए) और इतिहासकारों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बना हुआ है।

आवागमन की सुगम व्यवस्था

राजनगर पैलेस पहुंचने के लिए परिवहन के तीन मुख्य साधन आसानी से उपलब्ध हैं। पैलेस के सबसे पास राजनगर रेलवे स्टेशन है। इसके अलावा, जिला मुख्यालय स्थित मधुबनी जंक्शन (MBI) यहां से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर है, जो देश के बड़े शहरों से जुड़ा है।  मधुबनी मुख्य शहर से राजनगर के लिए बस, ऑटो और ई-रिक्शा आसानी से मिल जाते हैं।  हवाई यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए सबसे नजदीक दरभंगा एयरपोर्ट (DBG) है, जो यहां से लगभग 35 से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जहां से राजनगर के लिए आसानी से बस मिल जाता है।

रहने और खान-पान की भी सुविधाएं

पर्यटकों की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए राजनगर और मधुबनी शहर में हर बजट के विकल्प मौजूद हैं। राजनगर और मधुबनी मुख्य बाजार में कई बजट फ्रेंडली होटल्सऔर लॉज उपलब्ध हैं, जहां आसानी से रुका जा सकता है। पैलेस के आस-पास कई स्थानीय रेस्टोरेंट और कैफे हैं। जहां आप मिथिला के प्रसिद्ध संस्कृति एवं पारंपरिक व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। ऐतिहासिक कलाकृतियों से भरपूर भव्य महल के अवशेषों और प्राचीन संस्कृति को करीब से महसूस करने के लिए राजनगर पैलेस एक बेहतरीन पर्यटन स्थल है।

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