घर का मुख्य द्वार सिर्फ रास्ता नहीं, बल्कि घर की ऊर्जा का प्रवेश स्थल है। साफ, सुंदर और सही दिशा में होने से सुख, शांति और समृद्धि आती है।
साफ-सफाई का रखें खास ध्यान
वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार के आसपास हमेशा साफ-सफाई रहनी चाहिए। दरवाजे के पास धूल-मिट्टी, कचरा, टूटे सामान या जूते-चप्पलों का ढेर नहीं रखना चाहिए। इससे सकारात्मक ऊर्जा घर में आने से रुक जाती है।
रोशनी होना भी जरूरी
मुख्य द्वार के पास पर्याप्त रोशनी होना बहुत जरूरी माना जाता है। शाम के समय दरवाजे के पास लाइट या दीपक जलाने से वातावरण अच्छा और स्वागत करने वाला लगता है। हल्की पीली या गर्म रोशनी घर में अपनापन और सुकून का एहसास कराती है।
शुभ चिह्न लगाने से बढ़ती है सकारात्मकता
मुख्य दरवाजे पर स्वस्तिक, ॐ या शुभ-लाभ जैसे मंगल चिन्ह बनाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा आम, अशोक या केले के पत्तों का तोरण लगाने से भी सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। त्योहारों पर दरवाजे के सामने रंगोली बनाना भी अच्छा माना जाता है।
दरवाजे का रंग और डिजाइन
वास्तु के अनुसार घर का मुख्य दरवाजा मजबूत और टिकाऊ होना चाहिए। लकड़ी का दरवाजा शुभ माना जाता है। दिशा के हिसाब से दरवाजे का रंग चुनना भी अच्छा माना जाता है—
- पूर्व दिशा: हल्का हरा या भूरा रंग
- उत्तर दिशा: हल्का नीला रंग
- दक्षिण दिशा: गहरा भूरा रंग
- पश्चिम दिशा: क्रीम या सफेद रंग
नेमप्लेट भी हो साफ और आकर्षक
मुख्य द्वार पर लगी नेमप्लेट साफ और सुंदर होनी चाहिए। इसे घर की पहचान और सम्मान का प्रतीक माना जाता है। साफ-सुथरी नेमप्लेट घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने में मदद करती है।
यह भी पढ़े: घर में फोटो फ्रेम लगाने के वास्तु टिप्स
https://www.primenewsnetwork.in/religion/vastu-tips-for-placing-photo-frames-at-home/148736