ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल दोष के प्रभाव को कम करने के लिए मंगलवार को हनुमान जी की पूजा, मंगल मंत्र का जाप, मसूर दाल का दान और शिवलिंग पर जल अर्पित करने जैसे उपाय किए जाते हैं।
नई दिल्ली (भारत)। वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, भूमि, भाई-बंधु और पराक्रम का कारक माना जाता है। कुंडली में मंगल की स्थिति को लेकर कई बार मंगल दोष या मांगलिक दोष की बात की जाती है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार मंगल दोष के प्रभाव को कम करने के लिए पूजा, मंत्र जाप और दान जैसे कई उपाय बताए गए हैं। हालांकि इन उपायों का प्रभाव धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है।
मंगलवार को करें हनुमान जी की पूजा
मंगल दोष से राहत के लिए मंगलवार को भगवान हनुमान की पूजा करना शुभ माना जाता है। सुबह स्नान करके हनुमान मंदिर जाएं और श्रद्धापूर्वक पूजा करें। हनुमान चालीसा का पाठ भी किया जा सकता है।
मंगल मंत्र का करें जाप
मंगलवार को मंगल ग्रह के मंत्र का जाप करने की परंपरा है।
“ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः”
मंत्र का जाप श्रद्धा और एकाग्रता से किया जा सकता है।
मसूर दाल का दान करें
ज्योतिषीय मान्यता में मंगल ग्रह से लाल रंग और कुछ विशेष वस्तुओं का संबंध माना जाता है। मंगलवार को अपनी सामर्थ्य के अनुसार मसूर दाल, लाल वस्त्र, गुड़ या लाल फल जरूरतमंद व्यक्ति को दान करना शुभ माना जाता है।
शिवलिंग पर जल चढ़ाएं
भगवान शिव की पूजा को भी मंगल दोष से जुड़े पारंपरिक उपायों में शामिल किया जाता है। मंगलवार या नियमित रूप से शिवलिंग पर स्वच्छ जल अर्पित करें और “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें।
भाई-बंधुओं का सम्मान करें
ज्योतिष में मंगल का संबंध भाई-बंधुओं और पराक्रम से भी माना जाता है। इसलिए भाई-बहनों के साथ अच्छा व्यवहार करना, विवाद से बचना और जरूरत पड़ने पर उनकी सहायता करना शुभ आचरण माना जाता है।
रक्तदान और सेवा का महत्व
मंगल ग्रह को ऊर्जा और रक्त से जोड़ने वाली ज्योतिषीय मान्यताएं भी हैं। इसलिए अपनी स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सकीय पात्रता के अनुसार रक्तदान करना या जरूरतमंदों की सेवा करना सकारात्मक कार्य माना जा सकता है।
मूंगा पहनने से पहले लें विशेषज्ञ की सलाह
मंगल का प्रमुख रत्न लाल मूंगा माना जाता है, लेकिन इसे हर व्यक्ति के लिए शुभ नहीं माना जाता। कुंडली में मंगल की स्थिति देखकर ही रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है। इसलिए बिना कुंडली का विश्लेषण कराए मूंगा पहनने से बचें।
मंगल दोष को लेकर जरूरी बात
कुंडली में मंगल की स्थिति देखकर ही मांगलिक दोष का आकलन किया जाता है। केवल मंगल की राशि देखकर दोष तय करना उचित नहीं माना जाता। विवाह संबंधी निर्णयों में केवल ज्योतिषीय दोष के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय आपसी समझ, स्वास्थ्य, स्वभाव और अन्य व्यावहारिक पहलुओं को भी महत्व देना चाहिए।
(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है।)
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