आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज अश्लेषा नक्षत्र और शुभ योग का संयोग रहेगा।
नई दिल्ली (भारत)। आज अष्टमी तिथि दोपहर करीब 1:10 बजे तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। अश्लेषा नक्षत्र 3 नवंबर की सुबह करीब 3:46 बजे तक रहेगा। शुभ योग दोपहर करीब 12:07 बजे तक है। सूर्योदय सुबह करीब 6:34 बजे और सूर्यास्त शाम करीब 5:35 बजे होगा।
मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
मास: कार्तिक
ऋतु: शरद ऋतु
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: अष्टमी — दोपहर करीब 1:10 बजे तक, इसके बाद नवमी
नक्षत्र: अश्लेषा — 3 नवंबर की सुबह करीब 3:46 बजे तक, इसके बाद मघा
योग: शुभ — दोपहर करीब 12:07 बजे तक, इसके बाद शुक्ल योग
करण: कौलव — दोपहर करीब 1:10 बजे तक, इसके बाद तैतिल
वार: सोमवार
चंद्र राशि: कर्क — 3 नवंबर की सुबह करीब 3:46 बजे तक
सूर्य राशि: तुला
अयन: दक्षिणायन
सूर्योदय: सुबह करीब 6:34 बजे
सूर्यास्त: शाम करीब 5:35 बजे
चंद्रोदय: 3 नवंबर की रात करीब 12:45 बजे
चंद्रास्त: दोपहर करीब 1:23 बजे
दिन का चौघड़िया
प्रकृति — फल — समय अवधि
अमृत — सर्वोत्तम — सुबह 6:34 से 7:57 बजे तक
काल — अशुभ — सुबह 7:57 से 9:19 बजे तक
शुभ — उत्तम — सुबह 9:19 से 10:42 बजे तक
रोग — अमंगल — सुबह 10:42 से दोपहर 12:05 बजे तक
उद्वेग — अशुभ — दोपहर 12:05 से 1:27 बजे तक
चर — सामान्य — दोपहर 1:27 से 2:50 बजे तक
लाभ — उन्नति — दोपहर 2:50 से 4:13 बजे तक
अमृत — सर्वोत्तम — शाम 4:13 से 5:35 बजे तक
रात का चौघड़िया
प्रकृति — फल — समय अवधि
चर — सामान्य — शाम 5:35 से 7:13 बजे तक
लाभ — उन्नति — रात 7:13 से 8:50 बजे तक
अमृत — सर्वोत्तम — रात 8:50 से 10:28 बजे तक
काल — हानि — रात 10:28 से 12:05 बजे तक
शुभ — उत्तम — रात 12:05 से 1:42 बजे तक
रोग — अमंगल — रात 1:42 से 3:20 बजे तक
उद्वेग — अशुभ — रात 3:20 से 4:57 बजे तक
चर — सामान्य — सुबह 4:57 से 6:35 बजे तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह करीब 4:50 से 5:42 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह करीब 11:42 से दोपहर 12:27 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर करीब 1:55 से 2:39 बजे तक
गोधूलि बेला: शाम करीब 5:35 से 6:01 बजे तक
राहुकाल: सुबह 7:57 से 9:19 बजे तक
यमगंड: सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 1:27 से 2:50 बजे तक
अमृत काल: 3 नवंबर की रात करीब 2:13 से 3:46 बजे तक
दिशा शूल: सोमवार को पारंपरिक मान्यता के अनुसार पूर्व दिशा में दिशा शूल माना जाता है। यात्रा से पहले अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार उपाय किए जा सकते हैं।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह — राशि — नक्षत्र
सूर्य — तुला — स्वाति
चंद्रमा — कर्क — अश्लेषा
मंगल — कर्क — अश्लेषा
बुध — तुला — विशाखा
गुरु — सिंह — मघा
शुक्र — तुला — चित्रा
शनि — मीन — उत्तराभाद्रपद
राहु — कुंभ — धनिष्ठा
केतु — सिंह — मघा
Disclaimer: PrimeNews इस लेख में दी गई पंचांग संबंधी जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। यह उपलब्ध पंचांग गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी महत्वपूर्ण पूजा, व्रत या शुभ कार्य से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से समय की पुष्टि अवश्य करें।
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