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आज का पंचांग

20 अगस्त 2026 (गुरुवार) को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि और विशाखा नक्षत्र का संयोग

20 अगस्त 2026 (गुरुवार) को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि रहेगी। अष्टमी तिथि रात्रि 09:18 बजे तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ होगी। पंचांग के अनुसार आज ऐन्द्र योग का संयोग भी बन रहा है।

20 अगस्त 2026 गुरुवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि और विशाखा नक्षत्र का संयोग

The Ashtami Tithi of the month of Shravana (Shukla Paksha) |

नई दिल्ली (भारत)। आज की तिथि एवं विशेष जानकारी

मुख्य तिथि एवं काल गणना

विक्रम संवत: 2083

पक्ष व तिथि: श्रावण शुक्ल पक्ष अष्टमी (रात्रि 09:18 बजे तक), इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ।

माह: श्रावण

ऋतु: वर्षा ऋतु

अयन: दक्षिणायन

वार: गुरुवार

नक्षत्र: विशाखा (प्रातः 09:08 बजे तक), इसके बाद अनुराधा।

योग: ऐन्द्र योग (21 अगस्त की प्रातः लगभग 04:24 बजे तक), इसके बाद वैधृति योग।

करण: विष्टि (भद्रा) (प्रातः 08:16 बजे तक), इसके बाद बव (रात्रि 09:18 बजे तक), तत्पश्चात बालव।

चंद्र राशि: वृश्चिक

सूर्य राशि: सिंह

सूर्योदय: प्रातः 05:53 बजे (लगभग)

सूर्यास्त: सायं 06:55 बजे (लगभग)

चंद्रोदय: दोपहर लगभग 01:11 बजे (लगभग)

चंद्रास्त: रात्रि लगभग 11:28 बजे (लगभग)

दिन का चौघड़िया

प्रकृति            फल                समय अवधि

शुभ                उत्तम              प्रातः 05:53 से 07:30 तक
रोग                अमंगल            प्रातः 07:30 से 09:08 तक
उद्वेग              अशुभ              प्रातः 09:08 से 10:47 तक
चर                सामान्य             प्रातः 10:47 से 12:25 तक
लाभ              उन्नति               दोपहर 12:25 से 02:02 तक
अमृत            सर्वोत्तम             दोपहर 02:02 से 03:40 तक
काल             हानि                 सायं 03:40 से 05:18 तक
शुभ              उत्तम                सायं 05:18 से 06:55 तक

रात्रि का चौघड़िया

प्रकृति            फल                समय अवधि

अमृत            सर्वोत्तम            सायं 06:55 से 08:18 तक
चर               सामान्य             रात्रि 08:18 से 09:40 तक
रोग              अमंगल             रात्रि 09:40 से 11:02 तक
काल             हानि                रात्रि 11:02 से 12:24 तक
लाभ             उन्नति               रात्रि 12:24 से 01:46 तक
उद्वेग            अशुभ               रात्रि 01:46 से 03:09 तक
शुभ             उत्तम                रात्रि 03:09 से 04:31 तक
अमृत           सर्वोत्तम            प्रातः 04:31 से 05:53 तक

शुभ और अशुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:58 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक।

राहुकाल: दोपहर 02:02 बजे से 03:40 बजे तक।

यमगण्ड: प्रातः 05:53 बजे से 07:30 बजे तक।

गुलिक काल: प्रातः 09:08 बजे से 10:47 बजे तक।

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः लगभग 04:25 बजे से 05:09 बजे तक।

वर्ज्य: दोपहर लगभग 01:35 बजे से 03:22 बजे तक।

दिशाशूल: दक्षिण दिशा। यदि यात्रा आवश्यक हो तो धार्मिक मान्यतानुसार दही या जीरे का सेवन करके यात्रा प्रारंभ करना शुभ माना जाता है।

ग्रह गोचर स्थिति

ग्रह                           राशि

सूर्य                           सिंह
चंद्रमा                       वृश्चिक
मंगल                        मिथुन
बुध                          कर्क
गुरु (बृहस्पति)           कर्क
शुक्र                        कन्या
शनि                        मीन
राहु                         कुंभ
केतु                        सिंह

(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य या व्रत-पूजन से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।)

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